उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद उपराष्ट्रपति पद रिक्त, जल्द होंगे मध्यावधि चुनाव देश के तीसरे ऐसे उपराष्ट्रपति जिन्होंने कार्यकाल पूरा होने से पहले दिया इस्तीफा

नई दिल्ली, 24 जुलाई 2025:- देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार रात अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे भारत का दूसरा सबसे बड़ा संवैधानिक पद फिलहाल रिक्त हो गया है। इस घटनाक्रम से उपराष्ट्रपति पद के लिए मध्यावधि चुनाव की आवश्यकता आ पड़ी है। धनखड़ स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पद से हटे हैं। वे भारत के तीसरे उपराष्ट्रपति हैं, जिन्होंने कार्यकाल पूरा होने से पहले पद त्याग दिया। इससे पहले वीवी गिरि और आर वेंकटरमन ने राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए इस्तीफा दिया था।

अब क्या होगा? कौन देखेगा राज्यसभा की अध्यक्षता?

भारत के संविधान में “कार्यवाहक उपराष्ट्रपति” का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। चूंकि उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति भी होते हैं, इसलिए उनके इस्तीफे के बाद राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह सदन की अध्यक्षता करेंगे।

कब होंगे चुनाव?

जहां राष्ट्रपति पद के रिक्त होने पर छह महीने के भीतर चुनाव कराने की संवैधानिक अनिवार्यता है, वहीं उपराष्ट्रपति पद के लिए ऐसी कोई सटीक समय-सीमा निर्धारित नहीं है। हालांकि, चुनाव “जितना जल्दी संभव हो” कराया जाना आवश्यक है। यह चुनाव राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव अधिनियम, 1952 के तहत कराया जाएगा। परंपरा के अनुसार, चुनाव आयोग संसद के किसी एक सदन के महासचिव को निर्वाचन अधिकारी नियुक्त करता है।

नए उपराष्ट्रपति का कार्यकाल

हालांकि यह चुनाव वर्तमान उपराष्ट्रपति के कार्यकाल से पहले कराया जा रहा है, लेकिन नया उपराष्ट्रपति पदभार ग्रहण करने के दिन से पूरे पांच वर्ष तक पद पर बना रहेगा। वह केवल शेष कार्यकाल के लिए नहीं चुना जाएगा।

कैसे होता है उपराष्ट्रपति का चुनाव?

उपराष्ट्रपति का चुनाव लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित और मनोनीत सांसदों द्वारा किया जाता है। इसमें राज्य विधानसभाएं शामिल नहीं होतीं। यह गुप्त मतदान द्वारा ‘सिंगल ट्रांसफरेबल वोट’ प्रणाली से होता है। सांसद उम्मीदवारों को अपनी पसंद के अनुसार वरीयता क्रम में वोट डालते हैं।

निर्वाचन में जीत के लिए एक विशेष कोटा निर्धारित होता है, जो कुल वैध मतों का आधा प्लस एक होता है। यदि पहले चरण में कोई उम्मीदवार कोटा पार नहीं कर पाता, तो सबसे कम वरीयता प्राप्त उम्मीदवार को हटाया जाता है और उसके वोट अगली वरीयता के अनुसार अन्य उम्मीदवारों में वितरित किए जाते हैं।

उपराष्ट्रपति बनने की योग्यता

  • भारत का नागरिक होना आवश्यक

  • न्यूनतम आयु 35 वर्ष

  • राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने की योग्यता

  • किसी भी संसदीय क्षेत्र का मतदाता होना

  • केंद्र या राज्य सरकार के किसी लाभ के पद पर नहीं होना चाहिए (राष्ट्रपति, राज्यपाल, मंत्री को छोड़कर)