पूर्व विधायक के भाई की लाश जंगल में मिली, मर्डर की आशंका – पुलिस ने 3 संदिग्धों को हिरासत में लिया

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सनसनीखेज मामला सामने आया है। कांग्रेस के पूर्व विधायक चक्रधर सिंह सिदार के भाई जयपाल सिंह सिदार की लाश 30 जुलाई की शाम सिसरिंगा के जंगल में एक मंदिर के पास मिली। शव पूरी तरह से सड़-गल चुका था और कंकाल में तब्दील हो चुका था। शुरुआती जांच में पुलिस को हत्या की आशंका है, और मामले में तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

7 जुलाई से लापता थे जयपाल सिंह सिदार

ग्राम कटकलिया निवासी जयपाल सिंह सिदार (43) पाखर गांव में ग्राम सचिव के पद पर कार्यरत थे। 7 जुलाई की सुबह वह अपने छोटे बेटे को लैलूंगा स्थित आत्मानंद स्कूल छोड़ने के लिए घर से निकले थे, लेकिन उसके बाद से वे वापस नहीं लौटे। जब पूरे दिन उनका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिवार ने आसपास और परिचितों में खोजबीन शुरू की, लेकिन सफलता नहीं मिली। अगले दिन परिजन लैलूंगा थाने पहुंचे और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

फोन का आखिरी लोकेशन जशपुर में मिला

परिजनों ने खुद भी जांच-पड़ताल शुरू की। जयपाल के मोबाइल की आखिरी लोकेशन जशपुर जिले में मिली थी। गायब होने के कई दिन बाद भी जब कोई जानकारी नहीं मिली, तो परिवार ने जयपाल के बारे में जानकारी देने पर 21 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की थी। पुलिस और साइबर सेल भी मामले की जांच में जुटी हुई थी।

शव की हालत देख दहल उठे लोग

30 जुलाई को सिसरिंगा के घने जंगल में एक मंदिर के पास स्थानीय लोगों ने सड़ी-गली लाश देखी, जिसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। शव की हालत इतनी खराब थी कि चेहरा पहचानना संभव नहीं था। सिर पूरी तरह कंकाल में बदल चुका था और कपड़े शरीर से चिपके हुए थे। मृतक ने हाफ शर्ट और नीले रंग की जींस पहन रखी थी। मौके पर पहुंची पुलिस को जयपाल सिंह सिदार होने की आशंका हुई, जिसके बाद परिजनों को बुलाकर पहचान करवाई गई। कपड़ों और शारीरिक बनावट के आधार पर शव की पुष्टि जयपाल के रूप में हुई।

पुलिस जांच जारी, हत्या की आशंका

पुलिस ने इस मामले में हत्या की आशंका जताई है। तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साइबर टीम, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड की मदद से घटनास्थल की गहन जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा होगा।