नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा आर्थिक फैसला लेते हुए 68 देशों पर आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने के आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इन देशों से अमेरिका में आयात होने वाले सामानों पर अब 10% से लेकर 41% तक का टैरिफ लागू किया जाएगा। भारत से आयात पर 25% शुल्क लगाया गया है, जबकि ताइवान पर 20% और दक्षिण अफ्रीका पर 30% टैरिफ निर्धारित किया गया है।
ट्रंप के इस फैसले से वैश्विक अर्थव्यवस्था में अस्थिरता की आशंका गहरा गई है। अमेरिका के पारंपरिक व्यापार सहयोगियों के साथ संबंधों में खटास आने की संभावना जताई जा रही है। ट्रंप प्रशासन के मुताबिक यह फैसला अमेरिका के व्यापार असंतुलन और क्षेत्रीय व्यापार की कमजोरियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
1 अगस्त से लागू होगा टैरिफ
व्हाइट हाउस से जारी आदेश में कहा गया है कि यह नया टैरिफ आदेश 7 दिनों के भीतर लागू हो जाएगा। हालांकि कनाडा पर लगाया गया टैरिफ तुरंत यानी 1 अगस्त से ही प्रभावी हो गया है। गौरतलब है कि पहले कनाडा पर 25% शुल्क लागू था, जिसे अब बढ़ाकर 35% कर दिया गया है। ट्रंप ने आरोप लगाया है कि कनाडा ड्रग्स और अवैध कारोबार को रोकने में अमेरिका का सहयोग नहीं कर रहा है।
भारत समेत इन प्रमुख देशों पर टैरिफ दरें:
भारत – 25%
कनाडा – 35%
ताइवान – 20%
दक्षिण अफ्रीका – 30%
अफगानिस्तान – 15%
बांग्लादेश – 20%
म्यांमार – 40%
सीरिया – 41%
कजाखस्तान, मोलदोवा, ट्यूनीशिया – 25%
थाईलैंड, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, श्रीलंका – 19-20%
यूके – 10%
यूरोपीय यूनियन – 15%
जापान, दक्षिण कोरिया, इजरायल – 15%
मुक्त व्यापार समझौतों को मिली छूट
हालांकि ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यह टैरिफ यूएस-मैक्सिको-कनाडा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (USMCA) के तहत आने वाले उत्पादों पर लागू नहीं होगा। इससे इन देशों के कुछ उत्पादों को राहत मिलने की संभावना है।
वैश्विक व्यापार पर असर
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से न केवल भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंध प्रभावित होंगे, बल्कि वैश्विक व्यापार व्यवस्था पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। भारत के लिए यह झटका ऐसे समय आया है जब वह निर्यात को बढ़ावा देने की कोशिशों में जुटा है।
