नई दिल्ली, 6 अगस्त 2025 — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर 12:15 बजे दिल्ली के प्रतिष्ठित कर्तव्य पथ पर नवनिर्मित कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन करेंगे। यह भवन केंद्र सरकार की बहुप्रतीक्षित सेंट्रल विस्टा परियोजना के अंतर्गत निर्मित 10 आधुनिक भवनों की श्रृंखला का पहला पूर्ण रूप से तैयार भवन है। शाम 6 बजे प्रधानमंत्री कर्तव्य पथ पर एक सार्वजनिक सभा को भी संबोधित करेंगे, जिसमें मंत्रालयों के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल होंगे।
शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 भी अगले महीने तक बनकर तैयार हो जाएंगे, जबकि बाकी सात भवन अप्रैल 2027 तक पूर्ण होंगे।
ये मंत्रालय होंगे कर्तव्य भवन-3 में शिफ्ट
कर्तव्य भवन-3 में गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय, कार्मिक और प्रशिक्षण कार्य मंत्रालय, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय स्थानांतरित होंगे।
आधुनिक तकनीक और सुरक्षा से लैस भवन
कर्तव्य भवनों को तकनीक, सुरक्षा और पर्यावरण अनुकूलता को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। भवनों की निगरानी के लिए एक आधुनिक कमांड सीसीटीवी सेंटर भी बनाया गया है, जो परिसर और गलियारों पर नजर रखेगा।
मेट्रो से जोड़ा जाएगा परिसर
इन भवनों को बेहतर संपर्क सुविधा देने के लिए इंद्रप्रस्थ मेट्रो स्टेशन से जोड़ने वाली एक नई मेट्रो लाइन बनाने का प्रस्ताव भी सामने आया है।
पुराने भवनों की जगह लेगा नया कर्तव्य कॉम्प्लेक्स
मंत्री खट्टर ने बताया कि मौजूदा केंद्रीय मंत्रालयों के भवन 1950 से 1970 के दशक में बनाए गए थे, जो अब पुराने हो चुके हैं और उनका रखरखाव काफी महंगा हो गया है। इसलिए नए भवनों का निर्माण आवश्यक हो गया था।
कर्तव्य भवन-1 में होगा वित्त मंत्रालय का स्थानांतरण
अगले महीने तक तैयार होने वाले कर्तव्य भवन-1 में वित्त मंत्रालय स्थानांतरित होगा। यहां विशेष रूप से प्रिंटिंग प्रेस की भी व्यवस्था की जा रही है ताकि बजट जैसे अहम दस्तावेजों की छपाई की जा सके।
नॉर्थ-साउथ ब्लॉक बनेंगे ‘युगे-युगीन भारत संग्रहालय’
कर्तव्य भवनों के पूर्ण रूप से तैयार होने के बाद नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में स्थित सभी मंत्रालयों को वहां से स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इसके बाद इन ऐतिहासिक भवनों में ‘युगे-युगीन भारत संग्रहालय’ बनाया जाएगा, जिसमें महाभारत काल से लेकर वर्तमान भारत तक की कला, संस्कृति और इतिहास को दर्शाया जाएगा।
2031 तक पूरी होगी सेंट्रल विस्टा परियोजना
सेंट्रल विस्टा परियोजना का कार्य दिसंबर 2031 तक पूरा किया जाएगा। इस परियोजना के तहत प्रधानमंत्री का नया आवास और कार्यालय भी शामिल है, जिसकी प्रक्रिया भी आरंभ हो चुकी है।
कर्तव्य पथ पर बन रहे ये भवन आधुनिक भारत के प्रशासनिक ढांचे को नई दिशा देंगे और दशकों पुराने भवनों के बोझ को खत्म कर एक समन्वित, सुरक्षित और टिकाऊ प्रशासनिक केंद्र की नींव रखेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के उद्घाटन के साथ ही भारत की राजधानी के नक्शे पर एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है।
