सड़कों पर आवारा मवेशियों पर हाईकोर्ट सख्त, मुख्य सचिव को व्यक्तिगत शपथपत्र देने के निर्देश

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सड़कों पर बढ़ते आवारा मवेशियों की समस्या पर गंभीर चिंता जताई है। चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने मंगलवार को जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि, सड़कों पर मवेशियों की आवाजाही आम लोगों की जान के लिए खतरा है। इस पर तत्काल ठोस कार्रवाई करना जरूरी है।

कोर्ट ने मुख्य सचिव के शपथपत्र प्रस्तुत न करने पर कड़ी नाराजगी जताई और अगली सुनवाई तक व्यक्तिगत शपथपत्र पेश करने के निर्देश दिए। साथ ही कोर्ट ने कहा कि, बिलासपुर का प्रवेश द्वार साफ-सुथरा और व्यवस्थित होना चाहिए, क्योंकि यह शहर की छवि से जुड़ा हुआ है।

पेंड्रीडीह बायपास पर अव्यवस्था पर नाराजगी
सुनवाई में कोर्ट ने पेंड्रीडीह बायपास क्षेत्र में ढाबों के सामने ट्रकों की अव्यवस्थित पार्किंग और फैली गंदगी पर तीखी टिप्पणी की। बेंच ने कहा, “जिनकी यह जमीन है, वे वहीं घर बनाकर रहें तब समझ आएगा।” अदालत ने कहा कि इस अव्यवस्था से मेडिकल इमरजेंसी और जरूरी कामों में लोगों को भारी दिक्कत होती है।

शासन और NHAI को फटकार
राज्य शासन ने जवाब में कहा कि जमीन प्राइवेट लैंड है। इस पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि प्राइवेट होने का मतलब मनमाना इस्तेमाल नहीं है। कोर्ट ने 15 दिन में जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया।

इधर NHAI ने हादसों को रोकने के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी दी। बताया कि हाईवे पर अतिरिक्त पेट्रोलिंग वाहन तैनात किए गए हैं, कैटल प्लेटफॉर्म और शेल्टर बनाए जा रहे हैं, 7.35 किलोमीटर तक बांस की बाड़ लगाने का टेंडर जारी किया गया है। साथ ही मवेशियों को रेफ्लेक्टिव नेक बेल्ट पहनाए जा रहे हैं और टोल प्लाजा से यात्रियों को सावधान किया जा रहा है।

कलेक्टर का शपथपत्र
बिलासपुर कलेक्टर ने शपथपत्र में बताया कि पेंड्रीडीह बायपास से अतिक्रमण हटाया गया है, स्ट्रीट लाइटें चालू कराई गई हैं और नगर निगम व नगर पंचायत द्वारा कैटल कैचर वाहन नियमित रूप से चलाए जा रहे हैं।

19 सितंबर को अगली सुनवाई
कोर्ट ने पाया कि NHAI की कार्रवाई केवल बिलासपुर-सरगांव बायपास तक सीमित है, जबकि रतनपुर मार्ग पर हालात बेहद खराब हैं। इसलिए NHAI प्रोजेक्ट डायरेक्टर और नगर पंचायत रतनपुर को अगली सुनवाई में जवाब पेश करने के लिए पक्षकार बनाया गया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई एक साथ होगी। इस मामले की अगली सुनवाई 19 सितंबर को होगी।