माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर अर्धकुंवारी के पास हुए भीषण भूस्खलन ने हाहाकार मचा दिया है। मंगलवार दोपहर भारी बारिश के बीच पहाड़ खिसकने से ट्रैक का करीब 200 फीट हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस आपदा में अब तक 34 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 22 से अधिक लोग घायल हैं।
घायलों को कटड़ा के नारायणा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल यात्रा को स्थगित कर दिया गया है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु बिना दर्शन किए ही घर लौटने लगे हैं। वहीं, चार हजार से अधिक श्रद्धालु कटड़ा में रुके हुए हैं और यात्रा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
भारी बारिश ने तोड़ा रिकॉर्ड, लगातार बाढ़ और भूस्खलन
पिछले दो दिनों से हो रही भीषण बारिश ने जम्मू-कश्मीर में तबाही मचा दी है।
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उधमपुर में 629.4 मिमी और जम्मू में 296 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक दिन का रिकॉर्ड है।
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भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से प्रदेश में अब तक 42 लोगों की जान जा चुकी है।
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कश्मीर में झेलम नदी समेत कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान पर है। श्रीनगर, अनंतनाग और अन्य इलाकों में पानी घरों तक घुस गया है।
रेस्क्यू ऑपरेशन और बचाव कार्य
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वैष्णो देवी ट्रैक और भवन को पूरी तरह खाली करा लिया गया है।
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अब तक 25,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
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किश्तवाड़, अनंतनाग और पहलगाम समेत कई इलाकों में एसडीआरएफ व स्थानीय लोग मिलकर फंसे हुए लोगों को बचा रहे हैं।
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जम्मू के अखनूर में चिनाब नदी के पास फंसे सात बीएसएफ जवानों में छह को बचा लिया गया, जबकि एक जवान का शव बरामद हुआ।
सरकार ने की मुआवजे की घोषणा
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मृतक श्रद्धालुओं के परिवार को 9 लाख रुपये मुआवजा देने का एलान किया है।
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी प्रत्येक मृतक के परिजन को 6 लाख रुपये देने की घोषणा की और कहा कि आपदा की चेतावनी के बावजूद यात्रा क्यों जारी रही, इसकी जांच होगी।
आज बंद रहेंगे स्कूल
भारी बारिश और आपदा को देखते हुए प्रशासन ने गुरुवार को पूरे प्रदेश के शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया है।
