रायपुर। छत्तीसगढ़ के 66 निजी कॉलेजों में संचालित डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (D.El.Ed.) की फीस अब जल्द तय होगी। हाईकोर्ट ने एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट प्रोफेशनल अनएडेड कॉलेजेस ऑफ छत्तीसगढ़ द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
गौरतलब है कि निजी महाविद्यालयों में संचालित D.El.Ed. पाठ्यक्रम की फीस वर्ष 2019 से निर्धारित नहीं की गई थी। इस मामले में याचिकाकर्ता एसोसिएशन ने 13 अगस्त 2025 को स्कूल शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर मांग की थी कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 के प्रारंभ से पहले शुल्क तय किया जाए।
याचिका में कहा गया है कि 12 फरवरी 2024 को एएफआरसी (Admission and Fee Regulatory Committee) द्वारा जारी अधिसूचना के आलोक में D.El.Ed. पाठ्यक्रम के लिए शुल्क निर्धारण किया जाना चाहिए। साथ ही, एसोसिएशन ने मांग की है कि D.El.Ed. के लिए भी वही शुल्क लागू हो, जो बी.एड. पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित किया गया है।
मामले की सुनवाई जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की एकल पीठ में हुई। याचिकाकर्ता एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता क्षितिज शर्मा ने दलील दी कि लगातार अनुरोध और पत्राचार के बावजूद विभागीय अधिकारियों ने फीस निर्धारण की प्रक्रिया पूरी नहीं की। इसे संविधान के अनुच्छेद 19(1)(जी) के तहत संस्थान स्थापित करने और प्रबंधन करने के मौलिक अधिकार का उल्लंघन बताया गया।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देशित किया है कि विभागीय अधिकारी जल्द से जल्द D.El.Ed. पाठ्यक्रम की फीस तय करने की प्रक्रिया पूरी करें, ताकि नए शैक्षणिक सत्र में छात्रों और कॉलेज प्रबंधन को किसी तरह की दिक्कत न हो।
