रायपुर 7 अक्टूबर 2025 : राजधानी रायपुर रेलवे स्टेशन पर कुलियों ने सोमवार सुबह प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर प्रदर्शन किया। उनका विरोध स्टेशन में शुरू की गई बैटरी से चलने वाली कार सेवा को लेकर है, जिसे वे अपनी रोजी-रोटी के लिए खतरा मान रहे हैं। कुली संघ का कहना है कि रेलवे में पहले ही एस्केलेटर और लिफ्ट लगने से उनके काम पर बुरा असर पड़ा था, और अब बैटरी कार शुरू होने से हालात और बिगड़ गए हैं। कुली समिति के उपाध्यक्ष सुरेश यादव ने कहा “कोविड के बाद हमारा 80% काम चला गया। अब यह कार सेवा शुरू हो गई है तो यात्री हमें काम क्यों देंगे?”
कुली समिति संघ के अध्यक्ष थानेश्वर साहू ने बताया कि वे 22 सितंबर से रेलवे अधिकारियों से मिलते आ रहे हैं, लेकिन कोई हल नहीं निकला। “हमारा साफ कहना है – या तो यह टेंडर रद्द हो या हमें कोई दूसरा रोजगार दिया जाए। नहीं तो हम मजबूर होकर प्रदर्शन करेंगे।” कुली संघ का आरोप है कि यदि यह सेवा यात्रियों की सुविधा के लिए है, तो फिर यह मुफ्त क्यों नहीं है? जानकारी के अनुसार, बैटरी कार से सफर करने पर प्रति व्यक्ति 50 रुपये और सामान पर 30 रुपये का किराया लिया जा रहा है।
कुलियों के परिजन भी प्रदर्शन में शामिल हुए। सीमा यादव, जो एक कुली की पत्नी हैं, ने कहा “हमारे पति की कमाई से ही घर चलता है। अब काम बंद हो गया है तो बच्चों की पढ़ाई, मकान का किराया और रोज़मर्रा की ज़रूरतें कैसे पूरी होंगी?” कुली संघ ने साफ कर दिया है कि अगर रेलवे उन्हें रोजगार नहीं देता या बैटरी कार सेवा को वापस नहीं लेता, तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे।
