रायपुर। चक्रवात ‘मोन्था’ फिलहाल कमजोर पड़ चुका है, लेकिन इसका असर अब भी छत्तीसगढ़ के कई जिलों में दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार सरगुजा संभाग के जिलों में आज हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। विभाग ने कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर, सरगुजा, रायगढ़, बिलासपुर और जीपीएम जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।
चक्रवात के कारण बस्तर संभाग में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है। अचानक हुई वर्षा से किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। कहीं खड़ी फसलें झुक गई हैं तो कहीं कटे हुए धान के ढेर और बोरियां खेतों में भीगकर सड़ने लगी हैं।
कोंडागांव जिले के ग्राम आदनार में भारी बारिश से ‘बड़को नाला पुलिया’ टूट गई। पुल टूटने से लिंगोंपथ-मर्दापाल-भाटपाल-नारायणपुर मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। यह पुलिया प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनाई गई थी। लगातार बारिश से पुलिया का एक हिस्सा धंस गया और पानी के दबाव में बाकी हिस्सा भी बह गया। सौभाग्य से हादसे के वक्त कोई वाहन पुल पार नहीं कर रहा था।
इधर, चक्रवात के असर से ओडिशा और आंध्र प्रदेश के रास्ते से गुजरने वाली दो यात्री ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं, जबकि दो अन्य ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है। ओडिशा में भारी बारिश से केके रेल लाइन पर चिमड़पल्ली के पास भूस्खलन हुआ है, जिससे रेलवे ट्रैक पर चट्टान और मिट्टी जमा हो गई है। इससे रेल यातायात प्रभावित है, हालांकि मालगाड़ियों की आवाजाही जारी है।
रायपुर समेत कई हिस्सों में सुबह से तेज हवाएं चलती रहीं। मौसम विभाग के अनुसार 31 अक्टूबर तक मौसम में सुधार होने की संभावना है। वहीं, बेमौसम बारिश से धान की फसल को नुकसान होने की आशंका जताई गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
पिछले 24 घंटों में प्रदेश का अधिकतम तापमान 30.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
