वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार (Sensex-Nifty) आज गुरुवार को बढ़त के साथ खुलने की संभावना है। एशियाई बाजारों में टेक शेयरों की मजबूती और वॉल स्ट्रीट पर आई तेजी ने घरेलू बाजारों में निवेशकों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।
गुरु नानक जयंती की छुट्टी के कारण बुधवार, 5 नवंबर को भारतीय शेयर बाजार बंद रहे थे। इससे पहले मंगलवार को सेंसेक्स 519 अंक गिरकर 83,459.15 पर और निफ्टी 165 अंक लुढ़ककर 25,597.65 पर बंद हुआ था।
🌏 वैश्विक बाजारों का हाल
वॉल स्ट्रीट पर बुधवार को तेजी देखने को मिली।
डॉव जोन्स 225.76 अंक या 0.48% बढ़कर 47,311.00 पर पहुंचा।
S&P 500 में 24.74 अंक (0.37%) की बढ़त दर्ज हुई और यह 6,796.29 पर बंद हुआ।
नैस्डैक कंपोजिट 151.16 अंक या 0.65% बढ़कर 23,499.80 पर पहुंचा।
एशियाई बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली—
जापान का निक्केई 225 1.13% उछला,
टॉपिक्स इंडेक्स में 0.98% की बढ़त,
दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.15% ऊपर, जबकि कोस्डैक 2.01% की छलांग लगाई।
हांगकांग के हैंग सेंग फ्यूचर्स भी ऊंची शुरुआत का संकेत दे रहे हैं।
📈 गिफ्ट निफ्टी का संकेत
गिफ्ट निफ्टी 25,740 के आसपास कारोबार कर रहा है, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद से लगभग 32 अंकों का प्रीमियम दिखा रहा है। यह आज भारतीय बाजार की सकारात्मक शुरुआत की ओर इशारा करता है।
🇺🇸 अमेरिकी रोजगार डेटा
अक्टूबर में अमेरिकी निजी क्षेत्र में रोजगार में सुधार हुआ है। एडीपी रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में 29,000 की गिरावट के बाद अक्टूबर में 42,000 नई नौकरियां जुड़ीं। यह रॉयटर्स के 28,000 नौकरियों के अनुमान से बेहतर रहा।
🏦 एमएससीआई रेजिग: फोर्टिस, पेटीएम और सीमेंस एनर्जी शामिल
एमएससीआई इंडिया इंडेक्स के नवंबर रिव्यू में कई बदलाव हुए हैं।
शामिल कंपनियां:
फोर्टिस हेल्थकेयर
वन 97 कम्युनिकेशंस (पेटीएम)
जीई वर्नोवा टी एंड डी इंडिया
सीमेंस एनर्जी इंडिया
हटाई गई कंपनियां:
कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया
टाटा एलेक्सी
💵 डॉलर और सोना
डॉलर गुरुवार को कई महीनों के उच्च स्तर से थोड़ा नीचे फिसला।
डॉलर/येन 153.93 पर स्थिर रहा,
यूरो $1.1495 पर और पाउंड $1.3054 पर कारोबार कर रहा था।
सोने की कीमतों में बुधवार को मामूली गिरावट दर्ज हुई। करीब एक हफ्ते की सबसे बड़ी तेजी के बाद गोल्ड 0.2% गिरकर $3,973.15 प्रति औंस पर आ गया।
📊 विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू निवेशक वैश्विक संकेतों, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और एमएससीआई इंडेक्स बदलावों पर नजर रखेंगे। बाजार की दिशा अब कॉर्पोरेट नतीजों और विदेशी फंड फ्लो पर निर्भर करेगी।
