छत्तीसगढ़ में ISIS मॉड्यूल बनाने की साज़िश बेनकाब रायपुर ATS ने दो नाबालिगों की पहचान की, इंस्टाग्राम के जरिए पाक हैंडलर्स कर रहे थे ब्रेनवॉश UAPA के तहत ATS ने दर्ज की पहली FIR

छत्तीसगढ़ में ISIS मॉड्यूल बनाने की साज़िश बेनकाब
रायपुर ATS ने दो नाबालिगों की पहचान की, इंस्टाग्राम के जरिए पाक हैंडलर्स कर रहे थे ब्रेनवॉश
UAPA के तहत ATS ने दर्ज की पहली FIR

छत्तीसगढ़ में आतंकी संगठन ISIS अपना नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन रायपुर एटीएस ने समय रहते इस खतरनाक साजिश को विफल कर दिया। राज्य की एटीएस ने दो नाबालिग लड़कों की पहचान की है, जिनके संपर्क में पाकिस्तान स्थित ISIS मॉड्यूल था।
दोनों की उम्र 16 और 17 वर्ष बताई जा रही है। इनमें एक रायपुर और दूसरा भिलाई का रहने वाला है।

पाकिस्तानी हैंडलर्स इंस्टाग्राम से कर रहे थे संपर्क

जांच में खुलासा हुआ है कि ISIS से जुड़े पाकिस्तानी हैंडलर्स फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट्स के जरिए भारतीय युवाओं और किशोरों को निशाना बना रहे थे।
उनका मकसद—

कट्टरपंथी विचारधारा फैलाना

युवाओं को जिहादी गतिविधियों की ओर मोड़ना

स्थानीय स्तर पर अपना नेटवर्क खड़ा करना

अंदरूनी जानकारी जुटाना

सूत्रों के मुताबिक, इन दोनों नाबालिगों के मोबाइल से कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वाले कई संदेश, वीडियो और चैट्स बरामद हुए हैं। यही नहीं, उन्हें ISIS का छत्तीसगढ़ में स्थानीय मॉड्यूल तैयार करने के लिए उकसाया भी जा रहा था।

डेढ़ साल से नजर थी खुफिया एजेंसियों की

खुफिया एजेंसियां करीब 18 महीनों से इन पर नजर रखे हुए थीं। लगातार मॉनिटरिंग और डिजिटल ट्रैकिंग के बाद एटीएस ने तमाम सबूत एकत्र किए और सोमवार देर रात UAPA (Unlawful Activities Prevention Act), 1967 के तहत FIR दर्ज कर दी।

एटीएस की स्थापना के बाद पहली FIR

छत्तीसगढ़ ATS की स्थापना 2017 में हुई थी।
इस घटना को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि ATS द्वारा UAPA के तहत यह पहली FIR है।
पहले ऐसे मामलों में कार्रवाई स्थानीय पुलिस स्टेशनों के जरिए होती थी, लेकिन अब ATS ने सीधे मोर्चा संभाल लिया है।

एटीएस का बयान

एटीएस अधिकारियों का कहना है कि——

राज्य में देश विरोधी तत्वों की हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

सोशल मीडिया पर सक्रिय आतंकी नेटवर्क की ट्रैकिंग तेज की गई है।

आगे भी इस तरह की साजिशों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

राज्य में हाई अलर्ट मोड

ISIS मॉड्यूल की यह कोशिश खतरनाक इशारा है कि आतंकी संगठन अब छोटे राज्यों में भी डिजिटल माध्यम से अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। एटीएस और खुफिया तंत्र अब राज्य में हाई अलर्ट मोड पर हैं।