छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के तखतपुर ब्लॉक में प्रस्तावित IMAEC स्टील एंड पावर लिमिटेड को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। ग्राम सकर्रा में प्लांट की स्थापना के विरोध में सोमवार 19 नवंबर को आयोजित जनसुनवाई में ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। नारेबाजी और अव्यवस्था के बीच पुलिस ने जनसुनवाई में बाधा डालने वाले कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
विरोध और हंगामे के बावजूद पर्यावरण विभाग ने जनसुनवाई की औपचारिकता पूरी कर दी। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने प्लांट के खिलाफ 3 नवंबर को ही पर्यावरण प्रदूषण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय में आवेदन देकर जनसुनवाई को स्थगित करने की मांग की थी, लेकिन अधिकारियों ने उनके आवेदन को नजरअंदाज करते हुए नियमों को दरकिनार कर जनसुनवाई आयोजित की।
गांवों में प्रदूषण, खराब सड़कें और CSR कार्य न होने की शिकायतें
स्थानीय लोगों का कहना है कि सकर्रा से लगे ग्राम बेलमुंडी में पहले से संचालित कोलवाशरी प्रबंधन ने आज तक CSR के तहत कोई विकास कार्य नहीं कराया।
ग्रामीणों के अनुसार—
सड़कें जर्जर हैं,
कोयले की डस्ट से बीमारियां फैल रही हैं,
किसानों की फसलों का मुआवजा कलेक्टर रेट पर मिलना चाहिए, लेकिन प्रबंधन ने कोई मुआवजा नहीं दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि CSR में स्वास्थ्य जांच, वृक्षारोपण, तालाब निर्माण, पचरी व सड़क निर्माण, गरीब बच्चों की शिक्षा जैसे कार्य शामिल होते हैं, लेकिन इनमें से कोई कार्य क्षेत्र में नहीं किया गया।
स्थानीयों ने मांग उठाई—प्लांट का विरोध जब तक समस्याएं हल नहीं
ग्रामीणों ने साफ कहा है कि जब तक उद्योगों द्वारा पहले से किए वादे पूरे नहीं किए जाते और क्षेत्र में प्रदूषण, पानी की समस्या तथा सड़कें सुधार नहीं की जातीं, तब तक वे नए प्लांट का जोरदार विरोध जारी रखेंगे।
