बिलासपुर: खस्ताहाल सड़कों पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार को दो हफ्ते में रिपोर्ट देने का निर्देश

छत्तीसगढ़ की सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर 20 नवंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव ने अदालत को बताया कि एनआईटी रायपुर की रिपोर्ट में देरी के कारण सड़कों की मरम्मत का काम शुरू नहीं हो पा रहा है। इस पर मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु की खंडपीठ ने राज्य सरकार को एनआईटी रिपोर्ट पेश करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है।

पेंड्रीडीह से नेहरू चौक तक सड़क में गहरी दरारें
बिलासपुर शहर के पेंड्रीडीह से नेहरू चौक तक बनी कंक्रीट सड़क कई जगहों पर गहरी दरारों से जर्जर हो चुकी है। एनएचएआई ने इसका निर्माण किया था, लेकिन शहर सीमा में आने के कारण करीब 15 किलोमीटर हिस्सा पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर कर दिया गया। PWD कई बार दरारों की मरम्मत कर चुका है, पर कुछ दिनों बाद सड़क की स्थिति फिर वैसी ही हो जाती है।

विशेषज्ञों के अनुसार कंक्रीट रोड में दरार आने की स्थिति में पूरे पैनल को हटाकर बदलना जरूरी होता है, लेकिन वर्षों से सिर्फ दरारें भरकर अस्थायी मरम्मत की जा रही है, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है।

एनआईटी से रिपोर्ट लंबित, PWD ने भेजे रिमाइंडर
राज्य सरकार ने कोर्ट को जानकारी दी कि एनआईटी रायपुर से तकनीकी रिपोर्ट मांगी गई है, लेकिन समय पर रिपोर्ट उपलब्ध नहीं होने के कारण सड़क मरम्मत की प्रक्रिया अटकी हुई है।

PWD बिलासपुर डिवीजन–1 के कार्यपालन अभियंता ने 28 अक्टूबर और 11 नवंबर को एनआईटी रायपुर को रिमाइंडर भेजे हैं। इन पत्रों की कॉपी भी हाईकोर्ट में प्रस्तुत की गई।