मुख्यमंत्री मोहन यादव आज से मंत्रियों और विभागों का परफॉर्मेंस रिव्यू शुरू, 15 दिसंबर के बाद बड़े बदलाव के संकेत

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने दो वर्ष के कार्यकाल के पहले बड़े प्रशासनिक मूल्यांकन की शुरुआत आज से कर रहे हैं। मंगलवार से मंत्रियों और विभागों के परफॉर्मेंस रिव्यू का यह हाई-लेवल दौर शुरू हुआ है, जिसमें मंत्रालय के प्रमुख अधिकारी, विभागाध्यक्ष और मुख्य सचिव भी शामिल रहेंगे। माना जा रहा है कि इन बैठकों के आधार पर 15 दिसंबर के बाद मंत्रियों के विभागों में फेरबदल और सीनियर अफसरों की बड़ी पोस्टिंग देखी जा सकती है।

आज चार वरिष्ठ मंत्रियों का होगा मूल्यांकन

सीएम यादव पहले दिन चार सीनियर मंत्रियों—

  • प्रहलाद पटेल

  • उदय प्रताप सिंह

  • तुलसी सिलावट

  • प्रद्युम्न सिंह तोमर

का दो साल का लेखा-जोखा लेंगे। इन मंत्रियों के विभागों में पिछले दो वर्षों में लिए गए फैसले, योजनाओं का धरातल पर असर, लंबित प्रोजेक्ट्स, कमियों और भविष्य की चुनौतियों पर प्रस्तुति दी जाएगी।

बुधवार को डिप्टी सीएम समेत 6 मंत्रियों की बारी

बुधवार को होने वाली बैठकों में डिप्टी सीएम राजेंद्र कुमार शुक्ल समेत छह मंत्रियों—

  • निर्मला भूरिया

  • विश्वास सारंग

  • कृष्णा गौर

  • नारायण सिंह कुशवाहा

  • ऐदल सिंह कंसाना

के विभागों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।

तीन साल की भविष्य कार्ययोजना भी मांगी

सीएम ने सभी विभागों को अगले तीन साल के टारगेट तय करने के निर्देश दिए हैं। अफसर अपने विभाग की थ्री-ईयर एक्शन प्लान सीएम के सामने प्रजेंटेशन के जरिए पेश करेंगे।
रिव्यू मीटिंग में खास तौर पर इन बिंदुओं पर फोकस होगा—

  • जनता के हित में पिछले दो वर्षों में लिए गए निर्णय

  • शासन-प्रशासन में मौजूद कमी और समस्याओं की पहचान

  • स्थायी समाधान और सुधार के उपाय

  • लंबित योजनाओं की प्रगति

8–9 दिसंबर को खजुराहो में दूसरा राउंड

भोपाल की बैठकों के बाद 8 और 9 दिसंबर को खजुराहो में दो दिवसीय विभागीय रिव्यू सेशन होगा। इन बैठकों में आगे की नीति निर्माण और प्रशासनिक कसावट को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय होने की उम्मीद है।

2026 की प्रशासनिक कसावट का ब्लूप्रिंट तैयार

मोहन सरकार वर्ष 2026 को शासन सुधार और पारदर्शिता का ‘फोकस ईयर’ बना रही है। वर्तमान रिव्यू प्रक्रिया को उसी दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस समीक्षा का सीधा असर पोस्टिंग, ट्रांसफर और विभागीय फेरबदल के रूप में देखने को मिल सकता है।