इंडिगो फ्लाइट संकट: देशभर में 1000 से ज्यादा फ्लाइट रद्द, CEO ने मांगी माफी 10–15 दिसंबर तक स्थिति सामान्य होने की उम्मीद, DGCA पर उठे सवाल

देश के सबसे बड़े एयरलाइन ऑपरेटर इंडिगो में पिछले कई दिनों से जारी भारी अव्यवस्था और फ्लाइट कैंसिलेशन के बीच यात्रियों की परेशानी चरम पर पहुंच गई है। शुक्रवार को स्थिति सबसे अधिक बिगड़ी जब 1000 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। लगातार बढ़ती अफरा-तफरी के बाद इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है और कहा है कि 10 से 15 दिसंबर के बीच हालात सामान्य हो सकते हैं, हालांकि पूर्ण रिकवरी में अभी समय लगेगा।


24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय, हेल्पलाइन जारी

लगातार बढ़ते संकट को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जो स्थिति पर रियल-टाइम निगरानी रख रहा है। वहीं, यात्रियों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं:

011-24610843
011-24693963
096503-91859


क्यों बिगड़ी ये स्थिति? DGCA पर गंभीर सवाल

एविएशन सेक्टर में इस संकट की जड़ DGCA की निगरानी और इंडिगो की क्रू मैनेजमेंट क्षमता को माना जा रहा है।

  • एक साल पहले जारी नियमों (साप्ताहिक 48 घंटे आराम) का पालन हो रहा है या नहीं, DGCA ने महीनों तक इसकी जांच नहीं की।

  • जब तनाव चरम पर पहुंच गया, तब जाकर DGCA ने अचानक एयरलाइंस से मिले सुझावों पर नियम वापस ले लिए।

  • गुरुवार की देर रात हुई आपात बैठक में ठोस समाधान न निकलने के बाद इंडिगो ने सुबह 400 उड़ानों को तुरंत रद्द कर दिया।

  • कुछ घंटे बाद DGCA ने साप्ताहिक आराम से जुड़े निर्देशों को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया, जिससे एयरलाइंस पर लोड कम हुआ लेकिन सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए।


DGCA की अपील: पायलट संघों से सहयोग मांगा

DGCA ने कहा कि वर्तमान स्थिति में फ्लाइट संचालन को सुचारू रखने के लिए पायलट संघों और ALPAI का सहयोग बेहद जरूरी है।
एजेंसी ने स्पष्ट किया कि:

  • पायलटों पर दवाब बढ़ेगा,

  • मौसम सहित यात्रा सीजन में चुनौतियां ज्यादा होंगी,

  • यात्रियों की सुरक्षा और समय पर सेवा देना बेहद मुश्किल हो सकता है।


इंडिगो पर आरोप: समय रहते पायलट और क्रू क्यों नहीं जुटाए?

भारतीय एविएशन सेक्टर के 65% हिस्से पर कब्जा रखने वाली इंडिगो पर सवाल उठ रहे हैं कि:

  • इतने बड़े नेटवर्क के बावजूद क्रू और पायलटों की पर्याप्त भर्ती क्यों नहीं की गई?

  • क्या कंपनी जानबूझकर तैयारी नहीं कर रही थी?

  • क्या DGCA को समय रहते कंपनी पर दबाव नहीं बनाना चाहिए था?

नवंबर में ही 1,232 उड़ानें रद्द हुईं, जिनमें से 755 उड़ानें क्रू की कमी और FDTL नियमों के कारण थीं।
दिसंबर में इंडिगो के पास:

  • 2,357 कैप्टन

  • 2,194 फर्स्ट ऑफिसर

उपलब्ध हैं, जबकि जरूरत इससे काफी अधिक है।


सुरक्षा पर खतरा? नियम वापस लेने पर उठे सवाल

DGCA के इस कदम को सुरक्षा विशेषज्ञ यात्रियों की सुरक्षा से समझौता मान रहे हैं।
अगर पायलट थके हुए होंगे, तो इसका असर सीधे फ्लाइट संचालन पर पड़ सकता है।


कब तक सुधरेगी स्थिति?

हालांकि इंडिगो ने आश्वासन दिया है कि 10 से 15 दिसंबर तक उड़ानें धीरे-धीरे पटरी पर आ जाएंगी, लेकिन:

  • खराब मौसम,

  • शादी/त्योहार सीजन की भारी मांग,

  • और पायलटों की कम उपलब्धता

आने वाले दिनों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण बना सकती है।