महासमुंद। धान बेचने में लगातार तीन दिनों से हो रही परेशानी एक किसान के लिए जानलेवा साबित हो गई। टोकन न मिलने से हताश एक 65 वर्षीय किसान ने खेत में ही ब्लेड से अपना गला काट लिया। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। मामला महासमुंद जिले के बागबाहरा थाना क्षेत्र का है।
मोबाइल नंबर अपडेट न होने से नहीं मिल रहा था टोकन
जानकारी के अनुसार घायल किसान का नाम मनबोध गांड़ा (65) है, जो सेनभाठा गांव का निवासी है। वह पिछले तीन दिनों से धान बेचने के लिए चॉइस सेंटर के चक्कर लगा रहे थे, मगर मोबाइल नंबर से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण टोकन नहीं मिल पा रहा था। लगातार परेशानी और तनाव में उन्होंने गुरुवार सुबह खेत में ही ब्लेड से अपना गला काट लिया।
ग्रामीणों ने दी सूचना, 112 से लाया गया अस्पताल
किसान के बेटे शंकर गांड़ा (34) ने बताया कि धान की कटाई पूरी हो चुकी है और 1.40 एकड़ जमीन की उपज घर में रखी हुई है। परिवार में 11 लोग हैं और धान बेचने के लिए टोकन मिलने का इंतज़ार था।
सुबह जब मनबोध मवेशियों को चराने निकले, तभी खेत में ब्लेड से गला काट लिया। ग्रामीणों ने परिजनों को जानकारी दी जिसके बाद 112 की मदद से उन्हें बागबाहरा अस्पताल लाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद गंभीर हालत में महासमुंद मेडिकल कॉलेज और वहां से रायपुर मेकाहारा रेफर किया गया।
पूर्व CM भूपेश बघेल पहुंचे मेकाहारा
घटना की जानकारी लगते ही कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल रायपुर मेकाहारा अस्पताल पहुंचा।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा—
“यह सरकार के लिए करारा तमाचा है। पहली बार ऐसी नौबत आई है कि किसान को अपने गले पर वार तक करना पड़ रहा है। सिस्टम पूरी तरह फेल है।”
50 कट्टा धान बेचने चिंता में चल रहा था पूरा परिवार
किसान के बेटे ने रोते हुए बताया—
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खेमड़ा सोसायटी में 50 कट्टा धान बेचने की तैयारी थी।
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चॉइस सेंटर में बार-बार अपडेट मांगा जा रहा था, लेकिन मोबाइल नंबर की गड़बड़ी के कारण टोकन नहीं मिल रहा था।
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वार-वार चक्कर लगाने से पिता मानसिक तनाव में आ गए थे।
स्थिति गंभीर, मेकाहारा में भर्ती
डॉक्टरों के अनुसार मनबोध की सांस नली (ट्रेकिया) कट गई है। हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है और उन्हें ऑपरशन थिएटर में भर्ती किया गया है।
