आंगनबाड़ी भवन हादसे में छात्र की मौत: प्रधानपाठक निलंबित, तीन शिक्षकों को नोटिस, सरपंच-सचिव जांच के दायरे में

बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर जनपद अंतर्गत ग्राम शारदापुर में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का छज्जा गिरने से कक्षा छठवीं के छात्र की मौत के मामले में प्रशासन और शिक्षा विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इस दर्दनाक हादसे में प्रधानपाठक को निलंबित कर दिया गया है, जबकि तीन अन्य शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं, घटिया निर्माण को लेकर निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत के विरुद्ध अपराध पंजीकृत किया गया है, जिससे सरपंच और सचिव भी जांच के दायरे में आ गए हैं।

गांव में शोक और आक्रोश का माहौल

निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन के छज्जे के गिरने से मासूम आलोक देवांगन की मौत के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। घटना के दूसरे दिन प्रशासन की समझाइश के बाद परिजनों ने बालक का अंतिम संस्कार किया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ प्रशासनिक अमला भी मौजूद रहा। नम आंखों से पूरे गांव ने मासूम को अंतिम विदाई दी।

सुबह से ही ग्रामीण इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। दोपहर तक अंतिम संस्कार नहीं किया गया था। प्रशासनिक टीम ने परिजनों को बताया कि दोषियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया गया है और विस्तृत जांच शुरू हो चुकी है। हालांकि, परिजन और ग्रामीण प्रशासनिक कार्रवाई से पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आए।

परिजनों की मांग

स्वजन का कहना है कि जिस लापरवाही के कारण मासूम की जान गई, उस घटना में शामिल सभी जिम्मेदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

यह थी पूरी घटना

ग्राम शारदापुर के खुटहनपारा स्थित पूर्व माध्यमिक शाला में पढ़ने वाला छात्र आलोक कुमार देवांगन गुरुवार को भोजन अवकाश के दौरान निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन के पास पहुंच गया था। इसी दौरान भवन का छज्जा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। मलबे के नीचे दबने से आलोक की मौके पर ही मौत हो गई।

शिक्षा विभाग की कार्रवाई

इस घटना को शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लेते हुए संयुक्त संचालक शिक्षा संजय गुप्ता के आदेश पर विद्यालय की प्रधानपाठक ममता गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन पर बच्चों की समुचित निगरानी नहीं करने, कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही और उदासीनता बरतने का आरोप लगाया गया है। साथ ही विद्यालय में पदस्थ तीन अन्य शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश

कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच कर जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और भी कार्रवाई की जाएगी।