फरवरी से रामजन्मभूमि परिसर के 14 मंदिरों में दर्शन, परिक्रमा की भी मिलेगी सुविधा

रामजन्मभूमि परिसर में श्रद्धालुओं के लिए एक और बड़ी सुविधा जुड़ने जा रही है। परिसर में स्थित सात पूरक मंदिरों और सात सप्तर्षि मंदिरों में आगामी फरवरी माह से दर्शन सुलभ हो जाएंगे। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।

ट्रस्ट से मिली जानकारी के अनुसार, राम मंदिर के चारों ओर बने साढ़े सात सौ मीटर लंबे परकोटे में चल रहा निर्माण कार्य जनवरी माह तक पूर्ण होने की संभावना है। इसके पूरा होते ही श्रद्धालु न सिर्फ मंदिरों में दर्शन कर सकेंगे, बल्कि परिक्रमा की सुविधा भी प्राप्त होगी।

ध्वजारोहण शेष, पूजा-अर्चना पहले से जारी

हालांकि, अभी छह पूरक मंदिरों के शिखरों पर धर्म ध्वजा का आरोहण नहीं हो सका है। ट्रस्ट पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ध्वजारोहण का दर्शन व्यवस्था से कोई सीधा संबंध नहीं है। मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही नियमित पूजन-अर्चन कराया जा रहा है।

ट्रस्ट के अनुसार, कुछ मंदिरों पर वर्ष प्रतिपदा और कुछ पर रामनवमी के अवसर पर ध्वजारोहण किया जा सकता है।

पंचायतन पद्धति पर आधारित हैं पूरक मंदिर

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के चारों ओर बने परकोटे के भीतर पंचायतन पद्धति के अनुसार छह देवी-देवताओं के पूरक मंदिरों का निर्माण कराया है। इसके साथ ही रामायण कालीन सात ऋषि-मुनियों को समर्पित सप्तर्षि मंदिर भी बनाए गए हैं।

परकोटे के बाहर और राम मंदिर के दक्षिण-पश्चिम दिशा में शेषावतार लक्ष्मण मंदिर का निर्माण भी किया गया है। इस प्रकार परिसर में कुल 14 मंदिरों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। सभी सात पूरक मंदिरों में प्रतिमाएं स्थापित कर दी गई हैं।

श्रद्धालुओं को मिलेगा विस्तृत दर्शन अनुभव

फरवरी से इन मंदिरों के दर्शन शुरू होने के बाद रामजन्मभूमि परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं को अधिक सुव्यवस्थित और व्यापक धार्मिक अनुभव प्राप्त होगा। ट्रस्ट का कहना है कि सभी व्यवस्थाएं चरणबद्ध तरीके से पूर्ण की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।