नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के नाम एक विशेष संदेश साझा किया है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संस्कृत श्लोकों से जुड़ा एक वीडियो क्लिप पोस्ट करते हुए लिखा—
“आत्मविश्वास वह शक्ति है जिसकी सहायता से सब कुछ संभव है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि देशवासियों का यही आत्मविश्वास ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा। उनका यह संदेश ऐसे समय में सामने आया है, जब भारत ने वैश्विक मंच पर एक बड़ी कूटनीतिक और आर्थिक जीत हासिल की है।
अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर टैक्स में की बड़ी कटौती
भारत-अमेरिका ट्रेड डील की आधिकारिक घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ फोन पर हुई बातचीत के बाद की। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए पीएम मोदी को अपना “सबसे अच्छा मित्र” बताया और जानकारी दी कि
👉 भारतीय सामानों पर लगने वाला टैरिफ 25% से घटाकर 18% कर दिया गया है।
ट्रंप के मुताबिक, यह फैसला दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग और व्यापक भू-राजनीतिक हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
फोन कॉल में रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी चर्चा
राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि पीएम मोदी के साथ हुई इस बातचीत में सिर्फ व्यापार ही नहीं, बल्कि रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने जैसे अहम वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। यह बातचीत भारत और अमेरिका के रणनीतिक रिश्तों की गहराई को दर्शाती है।
ऊर्जा नीति में बदलाव पर सहमति
समझौते के तहत भारत ने अपनी ऊर्जा नीति में एक बड़ा बदलाव करने पर सहमति जताई है। राष्ट्रपति ट्रंप के दावों के अनुसार,
-
भारत रूस से तेल खरीद कम करेगा,
-
और इसके बदले अमेरिका तथा संभावित रूप से वेनेजुएला से तेल आयात बढ़ाएगा।
हालांकि भारत का हमेशा यह रुख रहा है कि उसके ऊर्जा संबंधी फैसले राष्ट्रीय हित और बाजार की परिस्थितियों के आधार पर होते हैं। इस नए समझौते से भारत को अमेरिकी बाजार में एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार के रूप में नई पहचान मिली है।
जयशंकर का अमेरिका दौरा जल्द
यह अहम समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब विदेश मंत्री एस. जयशंकर जल्द ही अमेरिका के दौरे पर जाने वाले हैं। जयशंकर इस सप्ताह वाशिंगटन में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा आयोजित ‘क्रिटिकल मिनरल्स’ की बैठक में हिस्सा लेंगे।
इस दौरान वे अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर
-
खनिज सहयोग,
-
निवेश,
-
और रक्षा संबंधों
को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। इस दौरे को भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को अगले स्तर पर ले जाने वाला अहम कदम माना जा रहा है।
भारत-अमेरिका के बीच यह ट्रेड डील न केवल आर्थिक दृष्टि से, बल्कि कूटनीतिक और रणनीतिक स्तर पर भी दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई देने वाली साबित हो सकती है।
