नेहरू सेंटर में RSS प्रमुख का संबोधन, कार्यक्रम में पहुंचे सलमान खान

मुंबई के नेहरू सेंटर में आयोजित दो दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला के पहले दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के संबोधन ने खास ध्यान खींचा। कार्यक्रम के दौरान बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान मंच पर मौजूद रहे और उन्होंने भागवत का भाषण गंभीरता से सुना। इस मौके पर रणबीर कपूर, सुभाष घई, प्रसून जोशी सहित देश की करीब 900 से अधिक प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं।

सलमान खान का उदाहरण देकर समाज और मूल्यों पर बात

अपने संबोधन में मोहन भागवत ने सामाजिक प्रभाव और मूल्यों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सलमान खान का उदाहरण देते हुए कहा कि कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र सलमान खान की फैशन स्टाइल की नकल करते हैं, लेकिन यह नहीं बताते कि वे ऐसा क्यों कर रहे हैं।

भागवत ने कहा कि समाज में अच्छे मूल्यों को भी फैशन की तरह लोकप्रिय बनाने की जरूरत है, ताकि युवा पीढ़ी उन्हें स्वाभाविक रूप से अपनाए।

स्वदेशी आर्थिक मॉडल पर दिया जोर

RSS प्रमुख ने अपने भाषण में “स्वदेशी” आर्थिक मॉडल को लेकर स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक परस्पर निर्भरता एक वास्तविकता है, लेकिन यह किसी मजबूरी, दबाव या टैरिफ के कारण नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने, आयात को सीमित रखने और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ने पर बल दिया। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा,
“अगर शिकंजी बन सकती है, तो कोला क्यों?”

परिवारों से स्वदेशी अपनाने की अपील

मोहन भागवत ने देश के परिवारों से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में स्वदेशी को अपनाएं। उन्होंने कहा कि भाषा, पहनावा, भोजन, पर्यटन और घरेलू जीवन में भारतीयता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

उन्होंने सुझाव दिया कि

  • भारतीय भाषाओं का अधिक उपयोग करें

  • पारंपरिक वस्त्र पहनें

  • देश के पर्यटन स्थलों की यात्रा करें

  • प्लास्टिक का उपयोग कम करें

भागवत ने कहा, “भारत में उत्पादन करो, नवाचार करो और दुनिया को अपने पास आने दो।”

100 वर्षों की यात्रा और भविष्य की दिशा पर चर्चा

यह व्याख्यान श्रृंखला RSS की 100 वर्षों की यात्रा पर चिंतन और आने वाले समय की दिशा तय करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। कार्यक्रम में सलमान खान के अलावा रणबीर कपूर, हेमा मालिनी, अनुराधा पौडवाल, पूनम ढिल्लों, कई कलाकार, वैज्ञानिक और उद्योगपति भी शामिल हुए।

कार्यक्रम का माहौल गंभीर, वैचारिक और राष्ट्र निर्माण से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित नजर आया।