प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार से दो दिवसीय इजरायल यात्रा पर जा रहे हैं। पिछले नौ वर्षों में यह उनकी दूसरी इजरायल यात्रा होगी। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, खासकर United States और Iran के बीच बिगड़ते संबंधों के बीच यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह यात्रा भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है।
मुक्त व्यापार समझौते पर बढ़ेगी बातचीत
प्रधानमंत्री के दौरे से पहले दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर बातचीत तेज हो गई है। इस मुद्दे पर चार दिवसीय बैठक जारी है, जो 26 फरवरी को समाप्त होगी। माना जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान व्यापार, रक्षा, कृषि, तकनीक और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा मिल सकती है।
संसद को करेंगे संबोधित
अपने दौरे के दौरान पीएम मोदी इजरायल की संसद Knesset को संबोधित करेंगे। इसके अलावा वे इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के साथ व्यापक वार्ता करेंगे।
प्रधानमंत्री Isaac Herzog से भी मुलाकात करेंगे। नेतन्याहू बुधवार रात मोदी के सम्मान में निजी रात्रिभोज का आयोजन करेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर पीएम मोदी के दौरे को लेकर उत्सुकता जाहिर की है।
विदेश मंत्रालय का बयान
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा दोनों देशों के बीच गहरे और दीर्घकालिक रणनीतिक संबंधों की पुनर्पुष्टि करेगी। साथ ही साझा चुनौतियों की समीक्षा और मजबूत साझेदारी के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगी।
भारत और इजरायल के बीच रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन और नवाचार के क्षेत्र में पहले से ही मजबूत सहयोग रहा है। ऐसे में यह दौरा बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती देने वाला माना जा रहा है।
