CGPSC मामले में आरोपी की जमानत याचिका हुई खारिज

बिलासपुर 06 मई 2026 : सी. जी. पीएससी 2022 के कैंडिडेट से 25 लाख लेकर परीक्षा पास कराने वाले एक आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है।

CBI जांच में सामने आया है कि, रायपुर शांति नगर के रहने वाले उत्कर्ष चंद्राकर ने बड़ी रकम लेने के बाद 30-35 कैंडिडेट्स को प्री और मेंस के क्वेश्चन पेपर दिए थे। हालांकि इस डील में कई लोग शामिल थे।

उत्कर्ष पर ये मामला दर्ज होने के बाद से वह फरार है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि पेपर लीक करना मेहनत करने वाले युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ है।

बता दें कि इस घोटाले में CBI ने अपनी अंतिम चार्जशीट में कुल 29 लोगों को आरोपी बनाया है, जिसमें सीजीपीएससी का तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी मास्टमाइंड है, वह जेल में हैं। मामले की अहम गवाह सुषमा अग्रवाल ने धारा 164 के तहत दिए बयान में कई खुलासे किए हैं। उसने बताया कि उत्कर्ष ने उससे 25 लाख रुपए लिए थे। 8 मई 2022 को बुक की गई बस से उम्मीदवारों को बारनवापारा रिजॉर्ट ले जाया गया, जहां लीक प्रश्नपत्रों के जरिए मुख्य परीक्षा की तैयारी करवाई गई।

आरोप है कि उत्कर्ष चंद्राकर ने चयन के बदले उम्मीदवारों से 50 से 60 लाख रुपए तक की मांग की थी। परीक्षा से पहले उम्मीदवारों को रायपुर के सिद्धि विनायक पैलेस, बारनवापारा रिजॉर्ट और होटल वेंकटेश इंटरनेशनल में ठहराया गया था।

प्रारंभिक परीक्षा से एक दिन पहले 12 फरवरी 2022 को उत्कर्ष ने उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र और उसके जवाब दे दिए थे। मुख्य परीक्षा के समय भी मोबाइल से प्रश्नपत्र मंगवाकर रिजॉर्ट में ठहरे उम्मीदवारों को याद कराया जाता था।

CBI के मुताबिक, टामन ने परीक्षा के पर्चे अपने घर पर साहिल, नीतेश, उसकी पत्नी निशा कोसले और दीपा आडिल को दिए। इसके बाद उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर ने लीक हुआ पेपर बजरंग पावर एंड इस्पात कंपनी के डायरेक्टर श्रवण गोयल को सौंपा। श्रवण गोयल के बेटे शशांक और बहू भूमिका ने इसी लीक पेपर से तैयारी की। परिणामस्वरूप दोनों डिप्टी कलेक्टर बन गए।

प्रश्नपत्र छापने का काम कोलकाता की एक प्रिंटिंग कंपनी को दिया गया था। जनवरी 2021 में कंपनी का कर्मचारी महेश दास 7 सेट प्रश्नपत्र लेकर रायपुर आया। उसने ये सभी पर्चे आरती वासनिक को सौंपे।

आरती पर्चे घर ले गईं, जहां टामन और ललित के साथ मिलकर उनकी कॉपी की गई। इसके बाद पर्चों को दोबारा सील कर प्रिंटिंग के लिए वापस भेज दिया गया।