अटल पेंशन योजना के 11 साल पुरे हुये…. करोड़ो लोगों का भविष्य हुआ सुरक्षित

अटल पेंशन योजना को शुरू हुए एक दशक से अधिक का समय बीत चुका है। सरकार के एक आशाजनक पहल से भारत की सामाजिक-सुरक्षा संरचना की आधारशिला में बदल गई है। अब देश के करोड़ों ऐसे लोगों का बुढ़ापा सुरक्षित हो रहा है, जिनके पास पेंशन की कोई स्थाई व्यवस्था नहीं है। धीरे-धीरे यह योजना लोकप्रिय हो रही है। तभी तो वित्त वर्ष 2026 में रिकॉर्ड 135.14 लाख लोग इससे जुड़े हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2047 तक सबके लिए बीमा ‘Insurance for All by 2047’ का लक्ष्य तय किया है। इसी को ध्यान में रख कर साल 2015 में आज के ही दिन अटल पेंशन योजना Atal pension Yojana की शुरुआत की गई थी। इतने दिनों में ही यह भारत सरकार की प्रमुख गारंटीकृत पेंशन योजना बन गई है। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अभी तक इससे करीब नौ करोड़ लोग जुड़ चुके हैं।

अटल पेंशन योजना साल दर साल लोकप्रिय होते जा रहा है। भारत सरकार के आंकड़े के अनुसार 31 मार्च 2026 तक इस योजना से 8.96 करोड़ लोग इससे जुड़ चुके हैं। इनके हर महीने होने वाले योगदान का संपूर्ण लेखा-जोखा देखा जाए तो अब तक इसका एसेट अंडर मैनेजमेंट 51,416 करोड़ रुपये हो चुका है।

इस समय भारत एक महत्त्वपूर्ण जनसांख्यिकीय परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। साल 2050 तक 60 साल से अधिक आयु की आबादी लगभग 20% तक पहुंचने की संभावना है। परंपरागत रूप से भारत में बुढ़ापे की सुरक्षा परिवार, समुदाय, अनौपचारिक बचत और खेतीबारी से होने वाली आमदनी पर निर्भर रही है। लेकिन समाज के गरीब, भूमिहीन कामगार, दिहाड़ी मजदूरी करने वाले और फेरी लगाने वाले या ढेला लगा कर कुछ बेचने वाले इससे बाहर हैं। असंगठित क्षेत्र के इन्हीं लोगों को ध्यान में रख कर इनके लिए साल 2015 में 9 मई को अटल पेंशन योजना की शुरुआत की गई थी।