राजधानी में सफाई व्यवस्था चरमराई, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन बंद

रायपुर 15 मई 2026 : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सफाई व्यवस्था एक बार फिर पटरी से उतर गई है। शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन बंद होने से कई इलाकों में गंदगी के ढेर लग गए हैं और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के मुताबिक, कचरा उठाने वाली गाड़ियों के कर्मचारियों ने वेतन नहीं मिलने के विरोध में काम बंद कर दिया है। करीब 800 सफाईकर्मी हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे 250 से अधिक कचरा वाहनों के पहिए थम गए हैं और घर-घर से कचरा उठाना पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

सफाईकर्मियों का कहना है कि हर महीने तय समय पर वेतन मिल जाता था, लेकिन इस बार भुगतान में देरी हो रही है। लगातार हो रही इस समस्या के चलते कर्मचारियों ने मजबूरी में काम रोकने का फैसला लिया।

इस स्थिति के कारण शहर के कई इलाकों में कचरा जमा होने लगा है, जिससे न सिर्फ बदबू और गंदगी बढ़ रही है बल्कि स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ गए हैं।

नगर निगम और कचरा कलेक्शन का काम संभाल रही कंपनी के बीच पहले भी विवाद सामने आ चुके हैं। पहले भी ऐसी हड़ताल के चलते निगम ने कंपनी पर जुर्माना लगाया था और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी थी।

बताया जा रहा है कि यदि सफाई व्यवस्था लंबे समय तक प्रभावित रही तो नगर निगम के सामने कचरा निपटान का संकट खड़ा हो सकता है।

शहर का पुराना डंपिंग एरिया लगभग भर चुका है और नई जगह पर कचरा फेंकने पर पर्यावरणीय आपत्तियों का खतरा बना हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में सड़कों और मोहल्लों में कचरे का दबाव बढ़ सकता है।

महापौर मीनल चौबे ने कहा है कि रामकी कंपनी के अधिकारियों से बातचीत जारी है, जल्द ही समस्या सुलझा ली जाएगी और डोर टू डोर कचरा कलेक्शन शुरु हो जाएगा।

फिलहाल, सफाई व्यवस्था ठप होने से शहरवासियों में नाराजगी बढ़ रही है और जल्द समाधान की मांग तेज हो गई है।