06 जून 2026 : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सरकारी क्षेत्र के केनरा बैंक पर 41.8 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई बैंक द्वारा नो योर कस्टमर (KYC) नियमों और अन्य जरूरी बैंकिंग गाइडलाइंस का पालन नहीं करने के कारण की गई है। RBI की जांच में पाया गया कि बैंक कई ग्राहकों के KYC रिकॉर्ड्स को तय समय सीमा के भीतर सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड्स रजिस्ट्री (CKYCR) पर अपलोड करने में विफल रहा।
नियमों के अनुसार सभी बैंकों को नए और मौजूदा ग्राहकों का KYC डेटा तय समय के भीतर CKYCR पोर्टल पर अपडेट करना जरूरी होता है। इसका उद्देश्य बैंकिंग सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ाना और फ्रॉड जैसी घटनाओं को रोकना है। हालांकि RBI की जांच में सामने आया कि केनरा बैंक ने कई मामलों में इस प्रक्रिया को समय पर पूरा नहीं किया।
RBI ने बैंक की दूसरी बड़ी चूक ग्राहक खातों की हैंडलिंग में पाई। केंद्रीय बैंक के नियमों के मुताबिक अगर किसी खाते में पिछले एक साल के भीतर ग्राहक की ओर से कोई ट्रांजैक्शन हुआ है तो उसे एक्टिव अकाउंट माना जाएगा। लेकिन जांच में पाया गया कि केनरा बैंक ने ऐसे कई खातों को भी इनऑपरेटिव यानी निष्क्रिय घोषित कर दिया था जिनमें आखिरी लेनदेन को अभी एक साल पूरा भी नहीं हुआ था।
यह कार्रवाई RBI द्वारा किए गए सुपरवाइजरी इवैल्यूएशन (ISE 2025) के दौरान सामने आई कमियों के आधार पर की गई है। इसके तहत 31 मार्च 2025 तक बैंक की वित्तीय स्थिति और कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई थी। जांच में अनियमितताएं मिलने के बाद RBI ने बैंक को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। बैंक की ओर से दिए गए जवाब और मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद केंद्रीय बैंक ने जुर्माना लगाने का फैसला लिया।
RBI ने स्पष्ट किया है कि यह पेनल्टी केवल नियामकीय नियमों के पालन में हुई कमियों के कारण लगाई गई है। इसका बैंक और ग्राहकों के बीच हुए किसी भी ट्रांजैक्शन या एग्रीमेंट की वैधता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा कि बैंक की सामान्य सेवाएं और ग्राहकों की जमा पूंजी पूरी तरह सुरक्षित हैं।
