’ 693 बूथों पर शुरू हुआ महाअभियान, 29 और 30 जून को घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य विभाग की टीम’
रायपुर, 28 जून 2026 : राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत बलरामपुर जिले में तीन दिवसीय विशेष अभियान का शुभारंभ रविवार को किया गया। अभियान की शुरुआत जिला अस्पताल में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी द्वारा बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाकर की गई। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. अनुज टोप्पो सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ और सुरक्षित बचपन सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जन्म से पांच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की जीवनरक्षक खुराक अवश्य पिलाई जाए, ताकि कोई भी बच्चा इस गंभीर बीमारी के खतरे से वंचित न रहे। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए बच्चों को समय पर पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं।
जिले में अभियान के प्रथम दिन 693 पोलियो बूथों पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई।
अभियान के संचालन के लिए 1386 स्वास्थ्यकर्मियों एवं सहयोगी दलों की तैनाती की गई है। राजपुर विकासखंड के ग्राम परसागुड़ी में अपर कलेक्टर श्री चेतन बोरघरिया ने बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाई, वहीं वाड्रफनगर एवं रघुनाथनगर क्षेत्र में भी प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में अभियान संचालित किया गया। बस स्टैंड सहित सार्वजनिक स्थलों पर भी विशेष बूथ स्थापित कर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2014 में भारत को पोलियो मुक्त राष्ट्र का दर्जा प्राप्त हुआ था, लेकिन वैश्विक स्तर पर पोलियो वायरस की मौजूदगी को देखते हुए सतत सतर्कता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पोलियो मुक्त भारत की उपलब्धि को बनाए रखने के लिए प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है।
अभियान के अंतर्गत जिले के 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 1 लाख 7 हजार 731 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 29 एवं 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को चिन्हित कर पोलियो ड्रॉप पिलाएंगी। अभियान के सफल संचालन में स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता तथा विभिन्न सहयोगी विभागों की संयुक्त भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
