मेहली मिस्त्री ने टाटा के फैमिली ऑफिस को कहा अलविदा

मुंबई 03 जुलाई 2026 : रतन टाटा के बेहद करीबी रहे मेहली मिस्त्री ने RNT Associates Pvt Ltd के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है. मिस्त्री करीब 3 साल पहले कंपनी के बोर्ड में शामिल हुए थे. मेहली मिस्त्री ने अपने इस्तीफे में लिखा कि वह अन्य जिम्मेदारियों और कामों में व्यस्त हैं, इसलिए वह कंपनी के डायरेक्टर पद से हटना चाहते हैं. उन्होंने यह पत्र 30 जून को कंपनी के बोर्ड को भेजा, जिसमें लिखा था कि इस्तीफा को 1 जुलाई 2026 से प्रभावी माना जाए.

बड़ी बात ये है कि मेहली मिस्त्री को नवंबर 2025 में टाटा ट्रस्ट्स से भी हटाया गया था. टाटा ट्रस्ट्स वही संस्था है, जिसके पास टाटा सन्स की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है. माना जा रहा है कि अब वह धीरे-धीरे टाटा समूह और उससे जुड़ी संस्थाओं से दूरी बना रहे हैं. हालांकि मेहली मिस्त्री टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट के बोर्ड में बने हुए हैं.RNT एसोसिएट्स की स्थापना मार्च 2009 में हुई थी. यह कंपनी रतन टाटा का निवेश प्लेटफॉर्म थी, जिसके जरिए उन्होंने कई स्टार्टअप कंपनियों में निवेश किया था. कंपनी ने Paytm, Ola और Blue Stone जैसी मशहूर कंपनियों में भी निवेश किया है. RNT एसोसिएट्स के बोर्ड में अब रतन टाटा की बहनें शिरीन जेजीभॉय और डिआना जेजीभॉय, जमशेद पोंचा और सिद्धार्थ शर्मा शामिल हैं. यह कंपनी निवेश से मिलने वाले डिविडेंड और कंसल्टेंसी सेवाओं के जरिए कमाई करती है. उपलब्ध वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2023 तक कंपनी की कुल आय लगभग 36 करोड़ रुपये थी, जिसमें करीब आधी आय डिविडेंड से आई थी.

रतन टाटा और उनके करीबी सहयोगी आरके कृष्ण कुमार इस कंपनी के प्रमुख शेयरधारक थे. बाद में रतन टाटा ने रतन टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन (RTEF) और रतन टाटा एंडोमेंट ट्रस्ट (RTET) को कंपनी के मुख्य शेयरधारक बनाया था. आज टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा सन्स में कुल मिलाकर लगभग 65.9% हिस्सेदारी है, जिससे टाटा समूह पर उनका नियंत्रण बना हुआ है. बाकी हिस्सेदारी शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप, कुछ टाटा समूह की कंपनियों और कुछ व्यक्तिगत शेयरधारकों के पास है. विशेषज्ञों का मानना है कि मेहली मिस्त्री का यह इस्तीफा टाटा समूह में चल रहे नेतृत्व और प्रबंधन बदलावों का एक और महत्वपूर्ण संकेत माना जा सकता है.