कोलकाता 15 जुलाई 2026 : पश्चिम बंगाल की सत्ता गंवाने के बाद से ममता बनर्जी को आए दिन झटके लग रहे हैं. उनके अपने एक-एक कर बागी गुट का हिस्सा बन रहे हैं. इसी कड़ी में ममता के बेहद करीबी सहयोगी मदन मित्रा ने उनका साथ छोड़कर बागी कैंप ज्वॉइन कर लिया है. इस दौरान उन्होंने कहा, मैं टीएमसी का नहीं, बंगाल का विधायक हूं. मैंने तृणमूल के लिए सब कुछ छोड़ दिया, जिसका मतलब है कि मैं पार्टी का विधायक नहीं हूं. जो भी पद थे मैंने सब छोड़ दिए. मैं बस एक घर से दूसरे घर गया.
मदन मित्रा ने कहा, दुख की बात यह है कि जब बंगाल में इस समय का इतिहास लिखा जाएगा, तो लिखा जाएगा कि पूरी पार्टी, जिसे 213 सीटें मिली थीं, एक व्यक्ति के कारण बर्बाद हो गई. इस बीच जब उनसे सवाल किया गया कि 21 जुलाई को मदन किस मंच पर नज़र आएंगे? तो उन्होंने कहा कि देश की सभी राजनीतिक पार्टियों की विचारधारा और नक्शे पर AITC लिखा है, इसके दो हिस्से हैं.
उन्होंने आगे कहा, मैं ममता बनर्जी का सम्मान करता हूं और उन्हें धन्यवाद देता हूं. वह लंबे समय से हमारे साथ रही हैं. हमने भी कुछ न कुछ करने की कोशिश की है. इसी पल से मैंने ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस की नेशनल कमेटी, वर्किंग कमेटी और पार्टी के जनरल सेक्रेटरी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. मैं जमीनी स्तर पर था और जमीनी स्तर पर ही रहा.
बता दें कि मदन मित्रा ने ममता बनर्जी की अगुवाई वाली TMC के सभी संगठनात्मक पदों से उस वक्त इस्तीफा दिया है जब दे ईडी ने बंगाल म्युनिसिपल भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में उनकी पत्नी और दो बेटों को समन भेजा. यह टाइमिंग काफी अहम है क्योंकि ईडी की ताजा कार्रवाई 13-14 जुलाई को हुई, जबकि 15 जुलाई को मित्रा ने पाला बदल लिया.
