बिलासपुर 23 जुलाई 2026 : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित बाल संप्रेक्षण गृह चौकीदार हत्याकांड में 11 दिन बाद बुधवार को मृतक नरेंद्र खांडे के शव का पोस्टमॉर्टम किया गया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद गांव में अंतिम संस्कार किया गया।
मुआवजा और नौकरी की मांग को लेकर मृतक के परिजन और समाज के लोग करीब 10 दिनों से धरने पर बैठे थे। मंगलवार रात प्रशासन के साथ हुई बातचीत के बाद धरना समाप्त किया गया। प्रशासन ने परिवार को अलग-अलग मदों से कुल 11.50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने और मृतक के बेटे को संविदा या कलेक्टर दर पर नौकरी देने का आश्वासन दिया है।
12 जुलाई की रात हुई थी चौकीदार की हत्या
मामला बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र के नूतन चौक स्थित बाल संप्रेक्षण विशेष गृह का है। 12 जुलाई की रात चार अपचारी बालकों ने चौकीदार नरेंद्र खांडे की हत्या कर दी थी और मौके से फरार हो गए थे।
घटना के बाद मृतक के परिजन और समाज के लोग बाल संप्रेक्षण गृह परिसर में धरने पर बैठ गए थे। परिजनों ने परिवार को 1 करोड़ रुपए मुआवजा, पत्नी को 15 हजार रुपए मासिक पेंशन, बेटे को नौकरी और बेटी की पढ़ाई व शादी का खर्च प्रशासन द्वारा उठाने की मांग रखी थी।
धरने के दौरान पत्नी की बिगड़ी थी तबीयत
न्याय और मांगों को लेकर चल रहे धरने के आठवें दिन मृतक की पत्नी सीमा खांडे की तबीयत खराब हो गई थी। उन्हें इलाज के लिए सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
इसके बाद समाज के लोगों ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया और प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की मांग की।
प्रशासन से बातचीत के बाद बनी सहमति
लगातार चल रहे आंदोलन के बीच प्रशासन ने मंगलवार रात परिजनों और समाज के प्रतिनिधियों से बातचीत की। चर्चा के बाद आर्थिक सहायता और नौकरी के आश्वासन पर सहमति बनी, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
तीन अपचारी बालक पकड़े गए
हत्या की वारदात के बाद फरार हुए चार अपचारी बालकों में से पुलिस ने तीन को पकड़ लिया है। वहीं चौथे आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। प्रशासन ने परिवार को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया है।
