रायपुर 27 जुलाई 2026 : छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने भारतीय वन सेवा (IFS) के सात वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। जारी आदेश के अनुसार विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर पदस्थ अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। इस प्रशासनिक फेरबदल में 1997 बैच की वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी संजीता गुप्ता को राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ का प्रभारी प्रबंध संचालक नियुक्त किया गया है। सरकार के इस निर्णय को वन विभाग के प्रशासनिक ढांचे को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
सात वरिष्ठ आईएफएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारी
जारी आदेश के अनुसार कुल सात भारतीय वन सेवा अधिकारियों का तबादला किया गया है। इनमें वर्ष 1997 बैच की संजीता गुप्ता, 1998 बैच के अमरनाथ प्रसाद, 2005 बैच के एस. वेंकटाचलम, 2009 बैच के अभिषेक कुमार सिंह, 2012 बैच के गुरुनाथन एन., 2013 बैच के प्रणय मिश्रा तथा 2013 बैच के रमेश कुमार जांगड़े शामिल हैं।
इन अधिकारियों को उनकी प्रशासनिक क्षमता और अनुभव को ध्यान में रखते हुए विभाग के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
संजीता गुप्ता को मिली अहम जिम्मेदारी
तबादला सूची में सबसे प्रमुख नाम वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी संजीता गुप्ता का है। उन्हें राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ का प्रभारी प्रबंध संचालक बनाया गया है। यह संस्था प्रदेश में तेंदूपत्ता, साल बीज, महुआ, हर्रा, बहेरा, इमली सहित अन्य लघु वनोपजों के संग्रहण, व्यापार और वन आश्रित समुदायों के हितों से जुड़े कार्यों का संचालन करती है।
सरकार को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में संस्था के कार्यों में और अधिक पारदर्शिता तथा गति आएगी।
वन विभाग में प्रशासनिक व्यवस्था होगी मजबूत
वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि समय-समय पर किए जाने वाले प्रशासनिक फेरबदल से विभागीय कार्यों में नई ऊर्जा आती है। नई जिम्मेदारियां मिलने से अधिकारियों को अपने अनुभव के अनुरूप कार्य करने का अवसर मिलता है, जिससे योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित होता है।
विशेष रूप से वन संरक्षण, जैव विविधता, पर्यावरण संरक्षण और लघु वनोपज आधारित आजीविका से जुड़े कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जाएगा।
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से जारी स्थानांतरण आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शीघ्र ही अपने नवीन पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें, ताकि विभागीय कार्य प्रभावित न हों।
