ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा की जीत हुई है। 80 वर्षीय लूला को चौथी बार राष्ट्रपति बनने का मौका मिला है। राष्ट्रपति उम्मीदवार फ्लावियो बोल्सोनारो को हार का सामना करना पड़ा है। इसी के साथ बोल्सोनारो ने अपनी पत्नी और बेटियों के साथ देश छोड़ दिया है। वह परिवार संग बुधवार को मियामी पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के हाथों चुनाव में हार स्वीकार करने से इनकार कर दिया था।
मई में किया था व्हाइट हाउस का दौरा
अर्जेंटीना के अधिकारियों और उड़ान संबंधी आंकड़ों के अनुसार, 45 वर्षीय सीनेटर मंगलवार को अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ पहले अर्जेंटीना गए और फिर इक्वाडोर पहुंचे। इसके बाद वह मियामी पहुंचे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी फ्लावियो बोल्सोनारो ने मई में व्हाइट हाउस का दौरा किया था।
ट्रंप प्रशासन ने दी थी अमेरिकी वीजा की मंजूरी
ट्रंप प्रशासन ने इस सप्ताह उन्हें और उनके परिवार को अमेरिकी वीजा देने की मंजूरी दी थी। फ्लावियो के पिता जायर बोल्सोनारो भी 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में लूला से हारने के बाद फ्लोरिडा चले गए थे। हालांकि, वह तीन महीने बाद ब्राजील लौट आए थे।
सुप्रीम कोर्ट में चल रहा भ्रष्टाचार का मामला
फ्लावियो बोल्सोनारो ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट की जांच के दायरे में हैं। उन पर भ्रष्टाचार, धनशोधन और कर चोरी के आरोप हैं। कोर्ट ने उन्हें मंगलवार दोपहर तक अपना सामान्य और राजनयिक पासपोर्ट जमा करने का आदेश दिया था। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका कि उन्होंने आदेश का पालन किया या नहीं। उनके सहयोगियों ने मंगलवार देर रात कहा कि उनके पास इटली का पासपोर्ट भी है।
फ्लावियो बोल्सोनारो को मिले 48.21 फीसदी वोट
ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में कड़ा मुकाबला देखने को मिला, लेकिन अंतिम नतीजों में मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने बाजी मार ली। 25 अक्टूबर 2026 को हुए दूसरे चरण के मतदान में लूला को 51.79 फीसदी वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी फ्लावियो बोल्सोनारो को 48.21 फीसदी वोट हासिल हुए। लूला ने करीब 44 लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज कर राष्ट्रपति पद पर फिर से अपना कब्जा बरकरार रखा।
