करवाचौथ पर ‘अर्नब’ तूफान का खतरा! दिल्ली-NCR में बारिश का अलर्ट, चांद दिखने पर संशय

दिल्ली 29 अक्टूबर 2026 : अखंड सौभाग्य का पावन पर्व करवा चौथ महिलाओं द्वारा अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। पंचांग अनुसार यह त्योहार हर साल कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को पड़ता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से निर्जला व्रत रखती हैं। बता दें इस साल यह पर्व 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को मनाया जा रहा है। यह दिन हर सुहागिन महिला के लिए विशेष महत्व रखता है। सुबह सरगी खाकर शुरू हुआ यह उपवास रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही पूरा होता है। शाम की पूजा संपन्न होते ही सभी व्रती महिलाओं की निगाहें आसमान की ओर टिक जाती हैं और हर किसी के मन में बस एक ही सवाल होता है कि आखिर करवा चौथ का चांद कितने बजे दिखेगा?

आपके इसी सवाल का सटीक जवाब देने के लिए हम लेकर आए हैं यह खास LIVE ब्लॉग। यहां आपको दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, मुंबई, कोलकाता समेत देश के सभी प्रमुख शहरों में चंद्रोदय की सबसे तेज और सटीक टाइमिंग मिलेगी। आइए जानते हैं कि आपके शहर में 29 अक्टूबर को चांद कब दिखाई दे सकता है।

करवाचौथ पर ‘अर्नब‘ तूफान का साया: क्या चांद देखने के लिए करना होगा इंतजार?

दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में सुहागिनों के सबसे बड़े पर्व करवा चौथ के दिन मौसम ने करवट ले ली है। चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव के चलते मौसम विभाग ने बड़ा अलर्ट जारी किया है। गुरुवार और शुक्रवार की दोपहर तक दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की पूरी संभावना है। आसमान में छाए घने काले बादलों और बारिश की वजह से करवा चौथ की शाम को चंद्रमा के दर्शन करने में परेशानी आ सकती है। व्रती महिलाओं को चांद निकलने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। अगर चांद न दिखे तो ऐसे करें व्रत का पारण

करवा चौथ का चांद कितने बजे निकलेगा 2026

पंचांग अनुसार करवा चौथ का चांद रात 8 बजकर 17 मिनट तक दिखाई देने की उम्मीद है। लेकिन अलग-अलग शहरों की भौगोलिक स्थिति के कारण चांद निकलने के समय में कुछ मिनटों का अंतर देखने को मिल सकता है। चलिए जानते हैं किसी शहर में चांद का दीदार किस समय होने की संभावना है:

चंद्रमा को अर्घ्य देने और व्रत खोलने का सही नियम 

  • चंद्रोदय से कुछ समय पहले ही अपनी पूजा थाली तैयार कर लें।
  • थाली में जल से भरा लोटा या करवा, रोली, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई, अपने पीने के लिए जलऔर छलनी अवश्य रखें।
  • चांद निकलने पर सबसे पहले छलनी में दीपक जलाकर उसके जरिए चंद्रमा का दर्शन करें।
  • फिर लोटे से चंद्रमा को जल अर्पित करें और फिर चंद्र देव कीआरती उतारें।
  • चंद्रमा को अक्षत, फूल, रोली अर्पित करते हुए मिठाई का भोग लगाएं।
  • फिर उसी छलनी से पति का चेहरा देखें और उनका आशीर्वाद लें।
  • अंत में पतिदेव के हाथों से जल ग्रहण करके औरमिठाई खाकर अपना निर्जला उपवास पूरा करें।
  • इसके बाद अपने घर के बड़ों का आशीर्वाद लें।

करवाचौथ पर ‘अर्नब’ तूफान का साया

दिल्ली-एनसीआर में करवाचौथ के दिन खराब मौसम ने सुहागिन महिलाओं की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 अक्टूबर को राजधानी और आसपास के इलाकों में काले बादल छाए रहने के साथ-साथ तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश के आसार हैं। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई है। आसमान में घने बादल रहने के चलते शाम को करवाचौथ के चांद का दीदार करने के लिए व्रती महिलाओं को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

करवा चौथ का चांद न दिखें तो क्या करें?

अगर आपके शहर में करवा चौथ के दिन चंद्रोदय के बाद भी चंद्रमा के दर्शन नहीं हो पाए तो भगवान शिव की तस्वीर देखकर अपना व्रत खोल सकती हैं। बता दें कि शिवजी के मस्तक पर चंद्रमा विराजमान हैं। अगर ऐसी कोई फोटो या मूर्ति आपके घर में नहीं है तो महादेव के मंदिर में जाकर चंद्रमा के दर्शन करना अपना व्रत पूरी कर सकती हैं। सबसे पहले चंद्रमा जहां से निकलते हैं उस दिशा में एक चौकी रखकर उसपर लाल रंग का कपड़ा बिछा दें। इसके बाद उसपर चावल से चंद्रमा बना लें। इसके बाद उसी काल्पनिक या चित्रित चांद को छलनी से देखें और चंद्रमा का पूजन करें। अब चंद्रमा का ध्यान करते हुए’ॐ चंद्राय नमः’ या ‘ॐ सोम सोमाय नमः’ मंत्र का जाप करें। इसके बाद अपना करवा चौथ व्रत खोलें।