भारतीय नौसेना ने एक बार फिर अपनी ताकत और साहस का परिचय देते हुए अरब सागर में बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया है। नौसेना ने सोमाली समुद्री लुटेरों के कब्जे से ईरान के मछली पकड़ने वाले जहाज ‘अजिनी’ (Azini) को सुरक्षित छुड़ा लिया। इस अभियान में जहाज पर सवार सभी 20 क्रू सदस्यों को भी सुरक्षित बचा लिया गया। इस सफल ऑपरेशन में भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS Kolkata ने अहम भूमिका निभाई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नौसेना के इस साहसिक अभियान की तारीफ करते हुए इसे भारत की समुद्री सुरक्षा क्षमता का प्रमाण बताया है।
48 घंटे से ज्यादा चला भारतीय नौसेना का ऑपरेशन
जानकारी के मुताबिक, सोमालिया के उत्तर-पूर्वी तट के पास 12 हथियारबंद समुद्री लुटेरों ने ईरान के मछली पकड़ने वाले जहाज ‘अजिनी’ का अपहरण कर लिया था। लुटेरों ने जहाज के सभी 20 क्रू सदस्यों को बंधक बना लिया था।
घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय नौसेना ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। मुंबई से 3,000 किलोमीटर से अधिक दूर अरब सागर में यह अभियान चलाया गया। जहाज और उसके चालक दल को सुरक्षित निकालने के लिए नौसेना ने 48 घंटे से अधिक समय तक ऑपरेशन जारी रखा। इस अभियान में भारतीय वायुसेना की भी मदद ली गई।
INS Kolkata ने निभाई अहम भूमिका
इस बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन में भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS Kolkata ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नौसेना के जवानों ने बेहद सावधानी और बेहतर तालमेल के साथ हथियारबंद समुद्री लुटेरों का सामना किया।
कई घंटों तक चले अभियान के बाद जहाज को समुद्री लुटेरों के कब्जे से मुक्त करा लिया गया। इसके साथ ही जहाज पर मौजूद सभी 20 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। इस ऑपरेशन को सोमवार को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
राजनाथ सिंह ने भारतीय नौसेना को दी बधाई
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल अभियान के लिए भारतीय नौसेना की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि मछली पकड़ने वाले जहाज ‘अजिनी’ के सभी 20 क्रू सदस्यों को बचाने के लिए भारतीय नौसेना ने 48 घंटे तक सुनियोजित अभियान चलाया।
उन्होंने इस सफल ऑपरेशन के लिए नौसेना को बधाई दी और कहा कि यह अभियान भारत की समुद्री सुरक्षा क्षमताओं का प्रमाण है।
हिंद महासागर में सुरक्षा के लिए भारत प्रतिबद्ध
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय नौसेना ने एक बार फिर साबित किया है कि भारत के पास लोगों की जान बचाने, समुद्री सुरक्षा बनाए रखने और पूरे हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने की क्षमता, इच्छाशक्ति और संकल्प है।
भारत सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करने के साथ-साथ मुक्त, खुले और सुरक्षित हिंद महासागर क्षेत्र को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। भारतीय नौसेना का यह अभियान समुद्री लुटेरों के खिलाफ भारत की सक्रिय भूमिका और क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रति उसकी गंभीरता को भी दर्शाता है।
