चुनाव आयोग का बड़ा ऐलान, 21 जनवरी को जारी होगी नई मतदाता सूची, 6 राज्यों में SSR की तैयारी

नई दिल्ली 05 नवंबर 2026 : भारत निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को छह राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision- SSR) की घोषणा की है.

भारत निर्वाचन आयोग ने 1 जनवरी 2027 को अर्हता तिथि मानते हुए 6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision- SSR) का आदेश जारी किया है।

किन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होगा SSR?

चुनाव आयोग के अनुसार, निम्नलिखित छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SSR की प्रक्रिया आयोजित की जाएगी-

अरुणाचल प्रदेश

चंडीगढ़

दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव

मिजोरम

ओडिशा

सिक्किम

इस प्रक्रिया के तहत 1 जनवरी 2027 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे। इसके अलावा, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा भी अग्रिम रूप से मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

इन राज्यों में बाद में जारी होगा SSR का शेड्यूल

आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया चल रही है या पूरी हो चुकी है, वहां SSR का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा। इनमें आंध्र प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, नागालैंड, दिल्ली, त्रिपुरा और तेलंगाना शामिल हैं।

वहीं, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए SSR की तारीखें बाद में तय की जाएंगी।

SSR का पूरा शेड्यूल-

पोलिंग स्टेशनों का युक्तिकरण- 20 नवंबर 2026 तक

इंटीग्रेटेड ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन- 30 नवंबर 2026

दावे-आपत्तियां लेने की अवधि- 30 नवंबर 2026 से 30 दिसंबर 2026 तक

फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन 21 जनवरी 2027

अधिकारियों के लिए चुनाव आयोग के सख्त निर्देश

SSR की प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए चुनाव आयोग ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।

RPA 1950 की धारा 13CC के तहत वोटर लिस्ट बनाने में लगा हर अधिकारी चुनाव आयोग में डेपुटेशन पर माना जाएगा।

मुख्य सचिव यह सुनिश्चित करेंगे कि CEO, DEO, ERO, BLO के कोई भी पद खाली न रहे। SSR के दौरान किसी भी अधिकारी का ट्रांसफर आयोग की मंजूरी के बिना नहीं होगा।

ERO की जिम्मेदारी होगी कि कोई भी पात्र नागरिक छूटे नहीं और कोई भी अपात्र व्यक्ति लिस्ट में न रहे।