रायगढ़ | छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। कांग्रेस के पूर्व विधायक चक्रधर सिंह सिदार के भाई और ग्राम सचिव जयपाल सिंह सिदार की हत्या सुपारी देकर करवाई गई। हत्या के बाद शव को जंगल में फेंक दिया गया, जिससे वह सड़कर कंकाल में तब्दील हो गया।
15 दिन तक लापता रहा शव, जंगल में मिली लाश
घटना 7 जुलाई 2025 की है। जयपाल सिंह सिदार अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना में काम करने वाले शुभम गुप्ता के बुलावे पर कोतबा रवाना हुआ था। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। पुलिस ने गुम इंसान की रिपोर्ट दर्ज कर तलाश शुरू की, लेकिन 15 दिन बाद 22 जुलाई को उसका शव रायगढ़ के सिसरिंगा घाटी के जंगल में मिला, जो पूरी तरह सड़ चुका था।
चलती कार में गमछे से की गई गला दबाकर हत्या
पुलिस जांच में सामने आया कि शुभम गुप्ता ने अपने दो साथियों मदन गोपाल सिदार और कमलेश यादव के साथ मिलकर चलती कार में जयपाल की गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को जंगल में फेंक दिया गया और सबूत मिटाने के लिए मोबाइल मैनपाट के जंगल में फेंका गया, गाड़ी का नंबर प्लेट हटाया गया और हत्या में उपयोग किए गए गमछे को जला दिया गया।
हत्या के पीछे अवैध संबंध का शक, जेल से दी गई सुपारी
हत्या की वजह पाकरगांव निवासी शिव साहू द्वारा अपनी पत्नी और जयपाल सिंह के बीच कथित अवैध संबंध का शक बताया गया है। शिव साहू पहले से ही एक हत्या के मामले में जेल में बंद है, लेकिन जब वह पैरोल पर बाहर आया तो उसने शुभम को 1 लाख रुपये में जयपाल की हत्या करने की सुपारी दी। एडवांस में 10 हजार रुपये भी दिए गए थे।
ऐसे खुला हत्याकांड का राज
पुलिस को 22 जुलाई को लावारिस हालत में मिली जयपाल की कार के जरिए सुराग मिला। फोन कॉल डिटेल खंगालने पर शुभम का नाम सामने आया। जब पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने पूरा जुर्म कबूल कर लिया।
गिरफ्तार हुए आरोपी
1. मदन गोपाल सिदार (19 वर्ष), पाकरगांव
2. शुभम गुप्ता उर्फ युगल किशोर (20 वर्ष), पाकरगांव
3. कमलेश यादव (19 वर्ष), मथपहाड़, जशपुर
4. शिव साहू, (मुख्य साजिशकर्ता – पहले से जेल में बंद)
