वैश्विक तनाव का असर, भारत में LPG को लेकर बढ़ी चिंता
ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी दिखने लगा है। भारत में भी एलपीजी सिलेंडर को लेकर चिंता बढ़ती नजर आ रही है। कई जगहों पर लोग गैस सिलेंडर भराने के लिए लंबी लाइनों में खड़े दिखाई दे रहे हैं।
इसी बीच केंद्र सरकार ने देश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई में 20% बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। सरकार के इस कदम से होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सरकार ने लिया बड़ा फैसला
सरकार के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण आपूर्ति में रुकावट की आशंका को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि अतिरिक्त 20% आवंटन को मंजूरी दी गई है।
इससे पहले भी सप्लाई में 10% बढ़ोतरी की गई थी और अब कुल बढ़ोतरी करीब 50% तक पहुंच गई है। सरकार का कहना है कि इस कदम से पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के इस्तेमाल और विस्तार को भी बढ़ावा मिलेगा।
20 राज्यों में जारी हुए आदेश
सरकार के निर्देश के बाद अब तक 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने गैर-घरेलू एलपीजी के अतिरिक्त आवंटन के आदेश जारी कर दिए हैं। बाकी क्षेत्रों में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई संभाल रही हैं।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, पिछले एक हफ्ते में इन क्षेत्रों में व्यापारिक उपयोग के लिए करीब 13,479 मीट्रिक टन एलपीजी की खपत दर्ज की गई है।
सरकार ने साफ किया है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात के बावजूद देश में कहीं भी एलपीजी की कमी की आधिकारिक खबर नहीं है और घरेलू गैस की सप्लाई सामान्य बनी हुई है।
DAC सिस्टम से हो रही गैस की डिलीवरी
सरकार के अनुसार अब अधिकांश एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) सिस्टम के जरिए की जा रही है। इससे वितरण पहले से ज्यादा व्यवस्थित हुआ है और घबराहट में की जाने वाली बुकिंग के मामलों में भी कमी आई है।
खाड़ी संकट का भारत पर असर
सरकार ने जानकारी दी कि 28 फरवरी से अब तक करीब 3.3 लाख लोग पश्चिम एशिया से भारत लौट चुके हैं। हालांकि क्षेत्र में तनाव के कारण हवाई सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हुई हैं, लेकिन संचालन जारी है।
- यूएई से करीब 90 उड़ानों के संचालन की उम्मीद
- सऊदी अरब और ओमान से भी सेवाएं जारी
- कतर ने सीमित रूप से उड़ानें फिर शुरू की
खाड़ी क्षेत्र में फंसे भारतीय नाविक
सरकार के मुताबिक पश्चिमी फारस की खाड़ी में 22 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें 611 भारतीय नाविक मौजूद हैं।
अब तक 534 से अधिक नाविकों को सुरक्षित भारत वापस लाया जा चुका है, जिनमें पिछले 24 घंटों में लौटे 21 लोग भी शामिल हैं।
इस संकट के दौरान 6 भारतीयों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता बताया जा रहा है।
