पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थिति को देखते हुए भारत सरकार सतर्क हो गई है। इस संकट का असर देश की अर्थव्यवस्था और आपूर्ति व्यवस्था पर कम से कम पड़े, इसके लिए केंद्र सरकार लगातार रणनीति बना रही है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अहम बैठक करेंगे।
बताया जा रहा है कि इस बैठक में प्रधानमंत्री राज्यों की तैयारियों की समीक्षा करेंगे और चर्चा करेंगे कि संभावित वैश्विक संकट के बीच आम जनता को कैसे सुरक्षित रखा जाए। प्रधानमंत्री ने संसद में भी यह संदेश दिया था कि ऐसी परिस्थितियों में सभी राज्यों को केंद्र के साथ मिलकर “टीम इंडिया” के रूप में काम करना होगा।
पांच चुनावी राज्यों को छोड़कर बैठक
सूत्रों के अनुसार जिन राज्यों में फिलहाल चुनाव के कारण आदर्श आचार संहिता लागू है, उन्हें इस बैठक से अलग रखा गया है। इन राज्यों की तैयारियों की समीक्षा के लिए कैबिनेट सचिव वहां के मुख्य सचिवों के साथ अलग बैठक करेंगे।
युद्ध का असर वैश्विक आपूर्ति पर
पश्चिम एशिया में ईरान, इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष का असर वैश्विक व्यापार और आपूर्ति शृंखला पर पड़ रहा है। खास तौर पर ऊर्जा, पेट्रोलियम उत्पाद और खाद जैसी आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई प्रभावित हो रही है।
हालांकि भारत सरकार ने कूटनीतिक प्रयासों के जरिए होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते अपने जहाजों की आवाजाही सुनिश्चित कर ली है। साथ ही अन्य देशों से आयात के विकल्प भी तलाशे जा रहे हैं, ताकि आपूर्ति प्रभावित न हो।
सरकार ने दिया भरोसा
केंद्र सरकार ने जनता को आश्वस्त किया है कि देश में ईंधन, ऊर्जा, खाद और अन्य आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडार मौजूद है। इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती के निर्देश
प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में स्पष्ट कहा था कि यदि युद्ध लंबा चला तो इसके दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं। ऐसे में राज्यों को जमाखोरी और कालाबाजारी करने वाले तत्वों पर कड़ी निगरानी रखनी होगी। साथ ही प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना जैसी जनहित योजनाओं का लाभ जनता तक बिना किसी बाधा के पहुंचता रहे, यह सुनिश्चित करना होगा।
कुछ राज्यों में दिखी अफरातफरी
हाल के दिनों में कुछ राज्यों से पेट्रोल पंपों पर भीड़, गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें और अफरातफरी की खबरें सामने आई हैं। इन परिस्थितियों से कैसे निपटा जाए और राज्यों की तैयारी क्या है, इस पर प्रधानमंत्री मुख्यमंत्रियों के साथ विस्तार से चर्चा करेंगे।
