15 मई 2026 : जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी से 16.24 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने कारोबारी निशित पटेल को गिरफ्तार कर लिया है. इस हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी मामले में बीएमसी के सहायक आयुक्त महेश पाटिल समेत कुल छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने खुद को बड़े बिल्डरों और सरकारी अधिकारियों से जुड़ा बताकर हबीबा जाफरी और उनके परिवार को फंसाया. न सिर्फ जाफरी परिवार, बल्कि कई अन्य कलाकारों, रिश्तेदारों और प्रभावशाली लोगों से भी निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए ठगे गए.
अप्रैल 2024 में जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी को अंधेरी स्थित उनके बंगले के प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर बीएमसी का नोटिस मिला. परिचित अली रजा के जरिए उनकी मुलाकात बीएमसी जी-साउथ वार्ड के सहायक आयुक्त महेश पाटिल से कराई गई. महेश पाटिल ने पहले टैक्स सेटलमेंट का भरोसा दिलाया और फिर बांद्रा पश्चिम के ‘न्यू कमलकुंज’ कमर्शियल प्रोजेक्ट में निवेश की सलाह दी. निशित पटेल ने खुद को बड़े बिल्डरों से जुड़ा बताते हुए दावा किया कि प्रोजेक्ट में पहले से 150 करोड़ रुपए का निवेश हो चुका है. उन्होंने आश्वासन दिया कि दिसंबर 2025 तक कमर्शियल स्पेस का कब्जा मिल जाएगा और विदेशी बैंक के साथ प्री-लीज एग्रीमेंट भी तैयार है.
वहीं, आरोपियों ने जाफरी परिवार के घर कई बार जाकर नक्शे, लेटरहेड, फर्जी रुचि पत्र और प्रोजेक्ट की तस्वीरें-वीडियो दिखाकर भरोसा जताया. भरोसे में आकर जाफरी परिवार ने अपने फ्लैट और बंगले बेचकर पैसा लगाया. पुलिस के मुताबिक, यह रकम पूजन टेक्नोलॉजीज, उदित ट्रेडर्स, एशियन फूड और आरपीपीएल मल्टी ट्रेड जैसी कई कंपनियों के खातों में ट्रांसफर की गई.
सबसे चौंकाने वाला पहलू फर्जी रजिस्ट्री प्रक्रिया थी. आरोपी रूपेश, देवेंद्र पडवल और अन्य लोग सरकारी मशीन जैसी डिवाइस लेकर जाफरी परिवार के घर पहुंचे. उन्होंने फोटो, फिंगरप्रिंट और हस्ताक्षर लेकर रजिस्ट्री पूरी करने का दावा किया. बाद में फर्जी दस्तावेजों की कॉपी सौंपी गई. जब मूल दस्तावेज मांगे गए तो कहा गया कि वे बिल्डर के पास हैं. पूछताछ में निशित पटेल ने फर्जी दस्तावेज बनाने की बात स्वीकार कर ली.
