योगेश यादव/ बलौदाबाजार । थाना गिधौरी पुलिस ने 32 वर्षों से फरार चल रहे एक स्थाई वारंटी आरोपी को बिलासपुर से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी लंबे समय से नाम बदलकर बिलासपुर में रह रहा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कसडोल न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम खपरीडीह में करीब 32 वर्ष पूर्व मारपीट की एक गंभीर घटना हुई थी। उस समय ग्राम खपरीडीह बिलाईगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता था। वर्ष 1992 के आसपास आरोपी पुजेरी उर्फ फुलदास वैष्णव पिता किशनदास वैष्णव तथा उसके तीन साथियों ने गांव के ही हेमलाल यादव पिता दादूराम यादव के साथ मारपीट की थी, जिससे पीड़ित के हाथ-पैर टूट गए थे।
घटना के बाद पीड़ित की रिपोर्ट पर बिलाईगढ़ थाना में अपराध क्रमांक 23/1994 धारा 325/34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले में तीन आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि पुजेरी उर्फ फुलदास वैष्णव फरार हो गया था और तब से लगातार पुलिस की गिरफ्त से बाहर था।
गिधौरी पुलिस ने लगातार तलाश के बाद 26 मई को आरोपी पुजेरी उर्फ फुलदास वैष्णव (56 वर्ष) निवासी ग्राम खपरीडीह को बिलासपुर से गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपी पहचान छिपाने के लिए नाम बदलकर रह रहा था।
फरार आरोपी को पकड़ने में प्रधान आरक्षक भारत भूषण पठारी एवं आरक्षक सुजीत तंबोली की विशेष भूमिका रही। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।
