रायपुर 12 जून 2026 : छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने मुस्लिम समाज से धार्मिक स्थलों और वक्फ संपत्तियों में गैर-शरई (इस्लामी सिद्धांतों के विपरीत) गतिविधियों से दूर रहने की अपील की है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि मस्जिदों, दरगाहों और अन्य वक्फ संस्थानों में अनुशासनहीनता, धार्मिक मर्यादाओं के उल्लंघन तथा गैर-शरई गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

वक्फ बोर्ड ने संबंधित समितियों और प्रबंधन से भी धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने तथा निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। बोर्ड का कहना है कि धार्मिक संस्थानों का उपयोग केवल धार्मिक, सामाजिक और जनकल्याणकारी उद्देश्यों के लिए होना चाहिए।
डॉ. सलीम राज ने समाज के लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
वक्फ बोर्ड ने यह भी कहा है कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित समिति और इंतेजामिया पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बोर्ड ने सभी आयोजकों से अपील की है कि वे कार्यक्रमों को पूरे अदब, एहतराम और अनुशासन के साथ संपन्न कराएं तथा किसी भी विवाद या अनुचित गतिविधि से बचें।
अपने संदेश में वक्फ बोर्ड ने प्रदेश के मुस्लिम समाज से हजरत इमाम हुसैन और शहीद-ए-कर्बला की कुर्बानियों की याद में मोहर्रम को सादगी, इबादत, सब्र और अखलाक के साथ मनाने की अपील की है। साथ ही सभी मस्जिदों के इमाम साहबान, मुतवल्लियान और इंतेजामिया कमेटियों को निर्देश दिया गया है कि इस ऐलान को जुमे की नमाज से पहले पढ़कर सुनाया जाए और मस्जिदों के नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा किया जाए।
