27 जून 2026 : सऊदी सरकार ने विदेशी नागरिकों और कंपनियों को देश में संपत्ति खरीदने की अनुमति दे दी है. यह बदलाव 2030 विजन के तहत किया गया है, जिसका मकसद देश की अर्थव्यवस्था को तेल पर निर्भरता से बाहर निकालना है.25 जुलाई 2025 को सऊदी की सरकारी गजट उम्म अल-कुरा में प्रकाशित इस कानून के अनुसार, विदेशी नागरिक अब देश के कई इलाकों में प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं. यह कानून लागू होने से पहले 180 दिनों की तैयारी अवधि रखी गई है, यानी प्रभावी रूप से यह कानून जनवरी 2026 से लागू होगा.
किन-किन को मिलेगी संपत्ति खरीदने की छूट?
- विदेशी निवासी जो कानूनी रूप से सऊदी में रह रहे हैं, वे मक्का और मदीना को छोड़कर किसी भी हिस्से में एक आवासीय संपत्ति खरीद सकते हैं. यह संपत्ति केवल निजी उपयोग के लिए होनी चाहिए.
- विदेशी कंपनियां जो सऊदी में व्यापार कर रही हैं, वे कर्मचारियों या कार्यालय संचालन के लिए कहीं भी संपत्ति खरीद सकती हैं.
- दूतावास और अंतरराष्ट्रीय संगठन यदि सरकार से मंजूरी मिलती है, तो वे भी अपने ऑफिस कार्यों के लिए संपत्ति ले सकते हैं.
मक्का और मदीना पर अब भी सख्त पाबंदी
इन दोनों पवित्र शहरों में प्रॉपर्टी खरीदने पर पहले की तरह अब भी प्रतिबंध जारी रहेंगे. गैर-मुस्लिमों को यहां प्रॉपर्टी लेने की इजाजत नहीं होगी. मुस्लिमों को भी केवल खास परिस्थितियों में ही मालिकाना हक मिलेगा. सरकार का कहना है कि इन प्रतिबंधों का मकसद धार्मिक और सांस्कृतिक पवित्रता बनाए रखना है.
मालिकाना हक के अलावा क्या विकल्प?
- यूजफ्रक्ट अधिकार (Usufruct Rights) संपत्ति का उपयोग और उससे लाभ लिया जा सकता है, लेकिन मालिकाना हक नहीं मिलेगा.
- लीज एग्रीमेंट कम या लंबे समय के लिए किराये पर संपत्ति लेने की अनुमति.
झूठे दस्तावेज पेश किया तो खैर नहीं
संपत्ति खरीदने वाले हर विदेशी को उसे नेशनल रियल एस्टेट रजिस्ट्री में पंजीकृत कराना अनिवार्य होगा. ट्रांसफर पर अधिकतम 5% शुल्क लगेगा. अगर कोई झूठे दस्तावेज पेश करता है या कानून का उल्लंघन करता है, तो 1 करोड़ सऊदी रियाल (करीब 22 करोड़ रुपये) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके अलावा संपत्ति जब्त भी की जा सकती है.
जो विदेशी पहले से सऊदी में संपत्ति के मालिक हैं, उनके अधिकार इस कानून से प्रभावित नहीं होंगे. खाड़ी देशों (GCC) के नागरिकों को अब मक्का और मदीना में भी संपत्ति खरीदने की इजाजत मिल गई है, जो पहले नहीं थी.
बता दें सऊदी सरकार अगले छह महीनों में विस्तृत दिशानिर्देश और प्रक्रिया जारी करेगी. इसमें बताया जाएगा कि विदेशी नागरिक किस क्षेत्र में संपत्ति खरीद सकते हैं, किन दस्तावेजों की जरूरत होगी और प्रक्रिया क्या होगी. निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे इन दिशा-निर्देशों पर नज़र रखें ताकि इस मौके का सही लाभ उठाया जा सके.
