रायपुर 07 जुलाई 2026 : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने छात्रों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब छत्तीसगढ़ के सीबीएसई स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को 19 तकनीकी (टेक्नोलॉजी) कोर्स का निःशुल्क प्रशिक्षण मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को नई तकनीकों, डिजिटल स्किल्स और भविष्य की रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ना है, ताकि वे स्कूली शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी कौशल भी विकसित कर सकें।
छात्रों को मिलेंगे 19 आधुनिक टेक्नोलॉजी कोर्स
CBSE की इस पहल के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न उभरती हुई तकनीकों से जुड़े कोर्स उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस, कोडिंग, साइबर सिक्योरिटी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), रोबोटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग, डिज़ाइन थिंकिंग और अन्य आधुनिक तकनीकी विषय शामिल किए जा सकते हैं।
इन कोर्सों का उद्देश्य विद्यार्थियों को शुरुआती स्तर से ही तकनीकी ज्ञान देना और उन्हें भविष्य की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।
8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
इस योजना का लाभ कक्षा 8वीं, 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं में अध्ययनरत विद्यार्थियों को मिलेगा। प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क होगा, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र भी बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के आधुनिक तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
स्कूलों के माध्यम से विद्यार्थियों का पंजीयन कराया जाएगा और निर्धारित मॉड्यूल के अनुसार प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
रोजगारपरक शिक्षा पर रहेगा फोकस
विशेषज्ञों का मानना है कि आज के दौर में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है। डिजिटल तकनीक और नई स्किल्स की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में स्कूल स्तर पर ही छात्रों को तकनीकी प्रशिक्षण मिलने से उनके करियर की संभावनाएं और मजबूत होंगी।
इन कोर्सों के माध्यम से विद्यार्थियों में समस्या समाधान, तार्किक सोच, नवाचार और तकनीकी दक्षता जैसी क्षमताओं का भी विकास होगा, जो उच्च शिक्षा और रोजगार दोनों क्षेत्रों में उपयोगी साबित होंगी।
डिजिटल इंडिया अभियान को मिलेगा बढ़ावा
CBSE की यह पहल डिजिटल इंडिया और स्किल इंडिया जैसे राष्ट्रीय अभियानों को भी मजबूती देने वाली मानी जा रही है। आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा से छात्रों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि विद्यार्थी स्कूल स्तर से ही AI, कोडिंग, साइबर सिक्योरिटी और अन्य उभरती तकनीकों की जानकारी प्राप्त करेंगे, तो वे उच्च शिक्षा और वैश्विक रोजगार बाजार में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
छात्रों के लिए सुनहरा अवसर
छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों के लिए यह पहल एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकती है। निःशुल्क तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से छात्र अपनी नियमित पढ़ाई के साथ-साथ भविष्य की मांग के अनुरूप नए कौशल भी सीख सकेंगे। इससे न केवल उनकी तकनीकी समझ विकसित होगी, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा और करियर निर्माण में भी उन्हें लाभ मिलेगा। शिक्षा जगत का मानना है कि इस तरह की पहलें विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
