रायपुर 07 जुलाई 2026 : छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI ने लंबे अंतराल के बाद संगठनात्मक चुनाव कराने का ऐलान किया है। इसके साथ ही प्रदेश के सरकारी, निजी और अन्य मान्यता प्राप्त कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में छात्र राजनीति फिर से सक्रिय होने जा रही है। संगठन ने चुनाव प्रक्रिया को दो चरणों में पूरा करने का फैसला किया है, ताकि नेतृत्व का चयन जमीनी स्तर से हो सके।
पहले चरण में सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में कैंपस अध्यक्ष का चुनाव कराया जाएगा। छात्र-छात्राएं सीधे मतदान कर अपने संस्थान का अध्यक्ष चुनेंगे। विजेता के नेतृत्व में 11 सदस्यीय कार्यकारिणी का गठन होगा, जो कॉलेज स्तर पर छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर काम करेगी और संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत बनाएगी।
दूसरे चरण में जिला और प्रदेश स्तर के चुनाव होंगे। इन चुनावों में केवल वही उम्मीदवार हिस्सा ले सकेंगे जो अपने कॉलेज या विश्वविद्यालय के निर्वाचित कैंपस अध्यक्ष होंगे। मतदान का अधिकार भी सिर्फ इन्हीं निर्वाचित कैंपस अध्यक्षों को मिलेगा। संगठन का मानना है कि इससे नेतृत्व नीचे से ऊपर तक लोकतांत्रिक तरीके से विकसित होगा।
चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार की आयु 16 से 27 वर्ष के बीच होना अनिवार्य है। साथ ही वह किसी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान का नियमित छात्र होना चाहिए। सदस्यता केवल कॉलेज और विश्वविद्यालयों के माध्यम से दी जाएगी, जबकि सदस्यता शुल्क तीन वर्षों के लिए 45 रुपये तय किया गया है। संगठन का कहना है कि इससे केवल वास्तविक छात्र ही चुनाव प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे।
NSUI ने यह भी स्पष्ट किया है कि चुनाव जीतने के बाद प्रतिनिधियों की स्क्रूटनी होगी, जिसमें दस्तावेजों, सदस्यता और पात्रता की जांच की जाएगी। इसके बाद इंटरव्यू लिया जाएगा और इसी प्रक्रिया के आधार पर जिला एवं प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों का अंतिम चयन होगा। संगठन का कहना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और योग्य नेतृत्व सामने आएगा।
संगठन के अनुसार नई चुनाव प्रणाली का उद्देश्य केवल पदाधिकारी चुनना नहीं, बल्कि भविष्य के छात्र नेताओं को तैयार करना भी है। कैंपस स्तर पर चुने गए प्रतिनिधियों को संगठनात्मक प्रशिक्षण, वैचारिक मार्गदर्शन और नेतृत्व विकास के अवसर दिए जाएंगे, ताकि वे आगे चलकर जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारियां संभाल सकें।
