चढ़ावा चोरी विवाद के बीच बड़ा घटनाक्रम, 23 कर्मचारियों ने दिया इस्तीफा

अयोध्या 10 जुलाई 2026 : राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले ने एक बार फिर नया रूप ले लिया है। बुधवार को चढ़ावे की गिनती का काम करने वाले 23 कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा सौंप दिया। इसके चलते गुरुवार को गिनती कार्य काफी प्रभावित रहा और सिर्फ 13 कर्मचारी ही ड्यूटी पर पहुंच पाए।

कर्मचारियों ने बताया कि चोरी विवाद उजागर होने के बाद मंदिर प्रशासन ने काम की व्यवस्था बदल दी। पहले दो शिफ्टों में छह घंटे की ड्यूटी होती थी, जिसे अब एक ही शिफ्ट में नौ घंटे कर दिया गया। मासिक वेतन भी पहले की तय राशि से घटाकर अलग-अलग कर दिया गया और छुट्टियों की संख्या में कटौती की गई। कर्मचारियों ने बैंक अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसी के सुपरवाइजर से इन बदलावों का विरोध किया, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। अंत में उन्होंने सामूहिक इस्तीफा दे दिया।

इस घटना से श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, संबंधित बैंक और कर्मचारी उपलब्ध कराने वाली एजेंसी पर नया बोझ पड़ गया है। नई भर्ती में समय लगेगा क्योंकि चोरी मामले के बाद हर कर्मचारी का सत्यापन सख्ती से किया जा रहा है।

नोटों के पैटर्न में बदलाव

जांच एजेंसियों को पता चला है कि चोरी के बाद छोटे मूल्यवर्ग के नोटों (10 और 20 रुपये) की संख्या बढ़ गई है, जबकि 500 रुपये के नोट काफी कम हो गए हैं। आरोप है कि गिनती से पहले ही कुछ कर्मचारी नोट छिपा लेते थे और धीरे-धीरे यह प्रक्रिया बड़े पैमाने पर हो गई।

पहले भी बड़े इस्तीफे

इससे पहले ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और एक अन्य ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने भी इस्तीफा दे दिया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया। अब अंतरिम व्यवस्था के तहत नया महासचिव काम संभाल रहा है।

सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में निष्पक्ष, समयबद्ध जांच और सीबीआई जांच की मांग वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 13 जुलाई को सुनवाई करेगा। इससे पहले अदालत ने तुरंत सुनवाई करने से मना कर दिया था।

विशेष जांच दल (SIT) अभी भी मामले की गहन छानबीन कर रही है। कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और कुछ राशि भी बरामद हुई है। मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के साथ-साथ पारदर्शिता बढ़ाने के कदम उठाए हैं।