10 जुलाई 2026 : चेक बाउंस से जुड़े एक लंबे कानूनी विवाद में बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत ने शुक्रवार (10 जुलाई 2026) को राजपाल यादव की दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए उन्हें 3 महीने की साधारण कारावास (जेल) की सजा सुनाई है।
अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए टिप्पणी की कि एक्टर का रवैया ‘संदिग्ध’ (Dubious) है, क्योंकि बार-बार मौका और आश्वासन दिए जाने के बावजूद उन्होंने समझौते की शर्तों को पूरा नहीं किया और पैसे नहीं चुकाए।
पूरा मामला और अब तक क्या हुआ?
5 करोड़ का कर्ज
साल 2010
राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए ‘मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ से ₹5 करोड़ का लोन लिया था।
साल 2012
फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई। इसके बाद लोन चुकाने के लिए कंपनी को दिए गए कुल 7 चेक बाउंस हो गए, जिसके बाद मामला कोर्ट पहुंचा।
अप्रैल 2018
मजिस्ट्रेट कोर्ट ने ‘नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट’ (चेक बाउंस मामले) के तहत राजपाल और उनकी पत्नी को दोषी ठहराते हुए 6 महीने की जेल की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ एक्टर हाईकोर्ट पहुंचे।
5 फरवरी 2026
बकाया राशि न चुकाने और अदालती आदेशों के उल्लंघन के कारण दिल्ली हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद राजपाल यादव को तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा था।
अंतरिम राहत और फिर जेल
10 जुलाई 2026
कुछ समय पहले अंतरिम जमानत पर बाहर आए राजपाल ने अंततः और पैसे देने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने अब सभी 7 मामलों में उन्हें 3 महीने की जेल की सजा सुनाई है, जो एक साथ चलेंगी।