नई दिल्ली 10 जुलाई 2026 : देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के निवेशकों और बाजार के शौकीनों के लिए एक बड़ी खबर है. एसबीआई की सहायक कंपनी ‘एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड’ (SBIFM) अपना धमाकेदार आईपीओ (IPO) लेकर आ रही है. कंपनी ने मुंबई में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास अपना रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (RHP) जमा कर दिया है. यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) पर आधारित होगा.
14 जुलाई से दांव लगा सकेंगे निवेशक
अगर आप इस आईपीओ में पैसा लगाना चाहते हैं, तो तारीखें नोट कर लीजिए:
- एंकर इन्वेस्टर्स के लिए: 13 जुलाई को बोली खुलेगी.
- पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए: यह आईपीओ 14 जुलाई को खुलेगा और 16 जुलाई को बंद होगा.
- क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB): इनके लिए यह हिस्सा 15 जुलाई को ही बंद हो जाएगा.
- शेयरों का अलॉटमेंट: 18 जुलाई 2026 के आसपास होने की उम्मीद है.
OFS के जरिए SBI बेचेगा अपनी हिस्सेदारी
इस आईपीओ के तहत कोई भी नया शेयर जारी नहीं किया जाएगा. इसके जरिए मौजूदा प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे. आईपीओ में कुल 20.37 करोड़ इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे, जो कंपनी की कुल चुकता इक्विटी शेयर पूंजी का करीब 10% है.
- एसबीआई इसमें 6.30% हिस्सेदारी (करीब 12.83 करोड़ शेयर) बेचेगा.
- पार्टनर कंपनी अमुंडी इंडिया होल्डिंग इसमें 3.70% हिस्सेदारी (करीब 7.54 करोड़ शेयर) की बिक्री करेगी.
कितना मजबूत है SBI फंड्स मैनेजमेंट का बिजनेस?
मार्च 2026 के अंत तक एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट कुल 131.4 अरब डॉलर की संपत्तियों (AUM) का प्रबंधन कर रहा था. वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) में कंपनी की कुल आय 4,969.09 करोड़ रुपये रही. बाजार के जानकारों के मुताबिक, इस आईपीओ के बाद इसकी टक्कर एचडीएफसी एएमसी और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी जैसे बड़े दिग्गजों से होगी.
इस बड़ी खबर के आते ही शेयर बाजार में भी हलचल देखी गई. बीएसई (BSE) पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का शेयर 1.90% की तेजी के साथ 1,018.05 रुपये पर बंद हुआ.
