19 जुलाई 2026 : पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। जॉर्डन में हुए हमले में 2 अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले (Airstrikes) शुरू कर दिए हैं। अमेरिकी सेना के अनुसार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई, जिसका उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना और अमेरिकी सैनिकों पर हुए हमले का जवाब देना है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि 17 जुलाई को जॉर्डन में ईरान समर्थित बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों के दौरान दो अमेरिकी सैनिक मारे गए, जबकि एक अन्य सैनिक लापता है। इस घटना के बाद क्षेत्र में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की कुल संख्या बढ़कर 16 हो गई है।
CENTCOM के मुताबिक शनिवार शाम (ईस्टर्न टाइम) राष्ट्रपति के निर्देश पर ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले शुरू किए गए। अमेरिकी सेना का कहना है कि इन हमलों का मुख्य लक्ष्य हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) में वाणिज्यिक जहाजों को खतरा पहुंचाने की ईरान की क्षमता को कम करना और अमेरिकी सैनिकों पर हमले के लिए जिम्मेदार IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) को जवाब देना है।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि जॉर्डन में हुए हमले के लिए जिम्मेदार ईरान समर्थित बलों के खिलाफ यह कार्रवाई तत्काल जवाब के तौर पर की गई है। सेना ने यह भी स्पष्ट किया कि मारे गए सैनिकों की पहचान फिलहाल सार्वजनिक नहीं की जाएगी। परिजनों को आधिकारिक सूचना देने के 24 घंटे बाद ही उनके नाम जारी किए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि शांति वार्ता टूटने के बाद पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस नए सैन्य अभियान से क्षेत्रीय तनाव और गहरा सकता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों देशों से संयम बरतने की अपील कर रहा है।
