रायपुर, 21 जुलाई 2026 : छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर संभाग की जेल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। राज्य शासन ने नारायणपुर और बीजापुर उप जेलों के उन्नयन (अपग्रेडेशन) के लिए आदेश जारी कर दिया है। जेल विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, दोनों उप जेलों को अब जिला जेल के समकक्ष माना जाएगा।
सरकार के इस निर्णय से इन क्षेत्रों में बंदियों के प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।
जेल विभाग ने जारी की अधिसूचना
जेल विभाग के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नारायणपुर और बीजापुर उप जेलों का दर्जा बढ़ाकर जिला जेल स्तर के अनुरूप किया जा रहा है। इसके साथ ही इन जेलों में आवश्यक प्रशासनिक और संरचनात्मक व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी।
अधिकारियों के अनुसार, लंबे समय से इन दोनों उप जेलों के उन्नयन की मांग की जा रही थी, क्योंकि बंदियों की संख्या और सुरक्षा संबंधी आवश्यकताएं लगातार बढ़ रही थीं।

सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत
बीजापुर और नारायणपुर नक्सल प्रभावित जिलों में शामिल हैं। ऐसे में जिला जेल स्तर की सुविधाएं मिलने से सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।
उन्नयन के बाद संभावित सुविधाएं:
अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती
निगरानी प्रणाली का विस्तार
बंदियों के लिए बेहतर बैरक व्यवस्था
चिकित्सा सुविधाओं में सुधार
प्रशासनिक स्टाफ की संख्या में वृद्धि
बंदियों को मिलेगा बेहतर प्रबंधन
जेल प्रशासन का कहना है कि अभी कई मामलों में बंदियों को अन्य जिला जेलों में स्थानांतरित करना पड़ता था, जिससे सुरक्षा और संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता था। उन्नयन के बाद स्थानीय स्तर पर ही अधिक प्रभावी ढंग से बंदियों का प्रबंधन किया जा सकेगा।
इससे न्यायालयों में पेशी, चिकित्सा उपचार और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी आसान होंगी।
बस्तर क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय बस्तर संभाग की आपराधिक न्याय प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। जिला जेल के समकक्ष दर्जा मिलने से इन संस्थानों को अधिक वित्तीय और प्रशासनिक संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।
सरकार का उद्देश्य जेलों में भीड़भाड़ कम करना और बंदियों के लिए मानक सुविधाएं सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।
जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने राज्य शासन के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे क्षेत्रीय जेल प्रशासन को मजबूती मिलेगी। आने वाले समय में दोनों जेलों में आधारभूत ढांचे के विकास और आवश्यक पदों की स्वीकृति की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।
