रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे पर दरारें, कांग्रेस ने NHAI से पूछा- ये कैसी गुणवत्ता?

रायपुर 24 जुलाई 2026 :  छत्तीसगढ़ के बहुप्रतीक्षित रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। करीब 20 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना में उद्घाटन से पहले ही सड़क पर दरारें दिखाई देने का दावा किया गया है। इस मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने केंद्र सरकार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर सड़क की कथित दरारों की तस्वीरें साझा करते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी ने तंज कसते हुए कहा कि “फीता कटने से पहले ही सड़क फट गई।”

सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कर साधा निशाना

छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक्सप्रेस-वे की कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं, जिनमें सड़क की सतह पर लंबी दरारें दिखाई देने का दावा किया गया। पोस्ट में कहा गया कि जिस परियोजना को प्रदेश के विकास की बड़ी उपलब्धि बताया जा रहा है, उसकी गुणवत्ता उद्घाटन से पहले ही सवालों के घेरे में आ गई है।

पार्टी ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि सड़क की स्थिति ऐसी है तो निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

NHAI की कार्यशैली पर उठे सवाल

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि सड़क पर आई कथित दरारों की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए और यदि निर्माण में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

पार्टी का कहना है कि जनता के टैक्स के पैसे से बनने वाली परियोजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

प्रदेश की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है एक्सप्रेस-वे

रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे को छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के बीच बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने वाली बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना माना जा रहा है। इस एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से माल परिवहन, औद्योगिक गतिविधियों और व्यापार को गति मिलने की उम्मीद है।

साथ ही यात्रा का समय कम होने और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलने की भी संभावना जताई जा रही है। ऐसे में निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवालों ने इस परियोजना को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

जांच और स्पष्टीकरण की मांग तेज

कांग्रेस ने मांग की है कि संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की तकनीकी जांच कर जनता के सामने तथ्य रखें। यदि सड़क की सतह पर दिखाई देने वाली दरारें सामान्य तकनीकी प्रक्रिया का हिस्सा हैं, तो इसकी स्पष्ट जानकारी भी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

पार्टी ने कहा कि इतने बड़े बजट की परियोजना में किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी भविष्य में गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती है, इसलिए शुरुआती स्तर पर ही आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए।