स्पोर्ट्स 14 सितम्बर 2026 : भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रविवार की रात शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को फाइनल मैच में धूल चटाकर महिला एशिया कप 2026 में खिताबी जीत दर्ज कर ली है. मगर, एक बार फिर टीम इंडिया चैंपियन तो बनी, लेकिन मेन्स टीम की ही तरह वुमेन्स टीम ने भी ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया और इसके बाद से ये मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है. हालांकि, मैच खत्म होने के बाद खुद बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने उस वजह के बारे में बात की, जिसके चलते हरमनप्रीत कौर एंड कंपनी ने ट्रॉफी नहीं ली.
श्रीलंका को हराकर भारतीय टीम 8वीं बार बनी चैंपियन
महिला एशिया कप 2026 में विजयरथ पर सवार रहते हुए ही टीम इंडिया ने खिताबी जीत दर्ज की है. श्रीलंका के साथ खेले गए फाइनल मैच की बात करें, तो टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. जहां, भारतीय टीम ने सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना (59) और शेफाली वर्मा (68) की अर्धशतकीय पारी की बदौलत 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 183 रन बोर्ड पर लगाए. वहीं, इसके जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम को 111 के स्कोर पर ही ऑलआउट कर दिया और 72 रनों से फाइनल मैच जीतकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली.
टीम इंडिया ने नहीं ली ट्रॉफी
महिला एशिया कप 2026 के फाइनल मैच में जीत दर्ज करने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम ने ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया. हरमनप्रीत कौर एंड कंपनी के ट्रॉफी न लेने पर एक बार फिर क्रिकेट के गलियारों में इस मुद्दे पर चर्चा शुरू हो गई. हालांकि, मैच खत्म होने के बाद खुद बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने सामने आकर इस पर जवाब दिया और बताया कि महिला टीम ने ये कदम क्यों उठाया.
देवजीत सैकिया ने क्या कहा?
मैच खत्म होने के बाद देवजीत सैकिया ने बताया कि भारत का ट्रॉफी न लेने का फैसला पिछले साल पुरुषों की टीम के रुख के साथ एकजुटता दिखाने के लिए था. मैच के बाद स्पोर्टस्टार के हवाले से IANS से बात करते हुए देवजीत सैकिया ने कहा, “हमारी मेन्स टीम ने डेढ़ साल पहले एशिया कप जीता था और उसके बाद, अप्रैल 2025 की पहलगाम घटना के बाद हमारी पूरी स्थिति बदल गई. इसलिए, उसके बाद हमारे नागरिकों की ओर से हम पर दबाव था कि हमें अपने पड़ोसी देश के साथ कोई संबंध नहीं रखना चाहिए और उनके साथ क्रिकेट नहीं खेलना चाहिए. लेकिन हमारी सरकार की नीति है कि हमें मल्टीनेशन टूर्नामेंट में हर देश के खिलाफ खेलना ही होगा…”
लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम हमारे लिए तय की गई हर शर्त को मानेंगे. हमारी सेना का संघर्ष अभी भी जारी है. जो मुख्य नेता हमारे देश के हितों के खिलाफ काम कर रहा है, हम उससे ट्रॉफी नहीं ले सकते. महिला टीम ने पिछले साल पुरुष टीम के फैसले का सपोर्ट किया है.”
“इससे हमारी टीम के प्रदर्शन पर कोई असर नहीं पड़ता. हमने अपने सभी मैच एकतरफा अंदाज में जीते हैं. भारत में महिला क्रिकेट बहुत अच्छी तरह से आगे बढ़ रहा है और इससे बड़ा सबूत और क्या हो सकता है. हमारी पूरी योजना 2026 ICC T20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है.”
